हरक के बयान से उलझी गुत्थी, आखिर कौशिक व रेखा रानी को प्रोटोकॉल तोड़ते हुए किसने दिया हेलीकॉप्टर। हेलीकाप्टर का रूट प्लान किसने बनाया?
21 मार्च रविवार-सीएम तीरथ रावत व वन मंत्री हरक सिंह देहरादून से रामनगर के लिए रवाना हुए। राष्ट्रीय वानिकी दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद विकासनगर लौटे।
22 मार्च , सोमवार- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सरकारी हेलीकॉप्टर से बागेश्वर पहुंचे और गार्ड ऑफ ऑनर लिया। मचा बवाल।
22- 23 मार्च- भाजपा सांसद व उत्त्तराखण्ड सह प्रभारी रेखा वर्मा ने उत्त्तराखण्ड सरकार के हेलीकॉप्टर से उतरते हुए सोशल मीडिया में फ़ोटो शेयर की। फिर मचा बवाल। विपक्ष ने मुद्दा बनाया
भाजपा प्रवक्ता ने कहा हरक साथ थे हेलीकॉप्टर में
अविकल उत्त्तराखण्ड
देहरादून। उत्त्तराखण्ड के वन मंत्री हरक सिंह ने साफ कह दिया है कि वो पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक व सह प्रभारी रेखा वर्मा को सरकारी हेलीकाप्टर में कहीं भी छोड़ने नहीं गए।


कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के इस बयान के बाद उत्त्तराखण्ड भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक व सह प्रभारी रेखा वर्मा की सरकारी हेलीकाप्टर से की गयी हवाई यात्रा की गुत्थी उलझती जा रही है। आखिर इन दोनों को किस हैसियत से सरकारी हेलीकाप्टर मुहैया कराया गया। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर देने के मामले में भी शासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। प्रोटोकॉल व नियमों के खुले उल्लंघन का यह मामला तीरथ सरकार के गले की हड्डी बनता जा रहा है।

प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह रावत बीते सोमवार को हेलीकाप्टर में मदन कौशिक के साथ नहीं थे। 22 मार्च को हरक सिंह रावत देहरादून में थे। और सीएम तीरथ रावत के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद कोविड जांच और उसके रिजल्ट में बिजी थे।

वन मंत्री हरक सिंह ने साफ कह दिया कि वे प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ हेलीकाप्टर में बागेश्वर नही गए थे। वन मंत्री ने कहा कि अगर वे गए होते तो वे ही गार्ड ऑफ ऑनर लेते। दरअसल, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद 23 मार्च की सांय हिंदी खबर चैनल की डिबेट में भाजपा प्रवक्ता विनोद सुयाल ने कहा कि वन मंत्री मदन कौशिक व भाजपा सांसद रेखा वर्मा को क्रमशः बागेश्वर व लखीमपुरखीरी छोड़ने गए थे।

अब वन मंत्री हरक सिंह रावत ने विशेष बातचीत में साफ कह दिया कि वो देहरादून में ही थे। और कौशिक व सह प्रभारी को छोड़ने नहीं गए। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री का कार्यक्रम मिनट दर मिनट का जारी होता है। लॉग बुक में एंट्री होती है। कई सरकारी विभागों को कार्यक्रम की सूचना लिखित में दी जाती है। वह मंत्री के कथन से यह साफ हो गया कि प्रदेश भाजपा संगठन वन मंत्री हरक सिंह का नाम लेकर भ्रम पैदा कर कौशिक के बचाव में उतर गया है।

इधर, 22 मार्च को बागेश्वर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर देने के मुद्दे पर भी बीते 48 घण्टों में सम्बंधित अथॉरिटी कोई कदम नहीं उठा पायी है। Madan kaushik helicopter / guard of honour
गार्ड ऑफ ऑनर पर उठा बवाल, pls clik
https://bharatnewsbuzz.com/uttarakhand-hills/uttarakhand-bhajpa-state-president-madan-kaushik-violated-protocol-government-provides-guard-of-honour-and-helicopter/
