Headline
हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है-मुख्यमंत्री
हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है-मुख्यमंत्री
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: डॉ धन सिंह रावत
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: डॉ धन सिंह रावत
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जाएगा सम्मानित-रेखा आर्या
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जाएगा सम्मानित-रेखा आर्या
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 एएसपी अधिकारियों के तबादले
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 एएसपी अधिकारियों के तबादले
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति

देहरादून : विधायक आपकी सेवा कर रहे हैं, ये सरासर गलत है

[ad_1]

देहरादून। उत्तराखंड गठन से 2021 तक 21 वर्षो में विधायकों का वेतन 15 गुना हो गया है जबकि अन्य भत्तों में भी भारी बढ़ोत्तरी हुई है। यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को विधानसभा सचिवालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ खुलासा। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड विधानसभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी से विधायकों के वेतन भत्तों की दरों व उसमें संशोधन की सूचना मांगी थी। विधानसभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी/ उपसचिव लेखा हेम चन्द्र ने अपने पत्रांक 494 से सूचना उपलब्ध करायी।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि आपने जिस जनप्रतिनिधि को चुना है वह सेवा कर रहा है,तो यह आप ग़लत सोच रहे हैं। उत्तराखंड में विधायक को एक दिन की जनसेवा का इतना पैसा मिलता है, जितना तो पूरा जिला चलाने वाले डीएम को भी नहीं मिलता है। उत्तराखंड सरकार पर हर साल कर्ज का बोझ बढ़ने के बाद भी विधायक और मंत्रियों के सैलरी और वेतन भत्ते लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आम कर्मचारी अधिकारी के वेतन भत्तों में चाहे मामूली वृद्धि ही हुई हो लेकिन उत्तराखंड के माननीयों के वेतन भत्तों में भारी वृद्धि हुई है।

उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड गठन के समय 09-11-2000 को विधायकों का वेतन 2000 रू प्रतिमाह था जो 01 अप्रैल 2017 से बढ़़कर पन्द्रह गुना 30 हजार रूपये प्रतिमाह हो गया। उत्तराखंड गठन के चैथे साल में 01 अप्रैल 2004 से इसे 3000, नवें साल में 01-04-2009 से 5000 तथा 01-01-2014 से 10 हजार किया गया था।
विधायको को मिलने वाले निर्वाचन क्षेत्र भत्ते की दर 5000 से तीस गुना बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपये कर दी गयी है। 09-11-2000 को निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 5000 था, 01-04-2004 से इसे 7500रू, 01-01-2005 से 15 हजार, 01-04-2009 से 30000 रू, 01-01-2014 से 60 हजार तथा 01-04-2017 से बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपये कर दिया गया है।
उत्तराखंड गठन के समय विधायकों को चालक भत्ता नहीं मिलता था। 01-01-2014 से 3 हजार रूपये मिलना प्रारंभ हुआ, जिसे 01-04-2017 से बढ़ाकर चैगुना 12 हजार रूपये कर दिया गया है।

उत्तराखंड गठन के समय 1 हजार रूपये की दर से मिलने वाले सचिवीय भत्ते को 12 गुना बढ़ाकर 01-04-2017 से 12 हजार कर दिया गया है । 01-04-2004 से इसे 2500 रू., 01-11-2005 से 6000 तथा 01-04-2017 से 12 हजार कर दिया गया है।
उत्तराखंड गठन के समय 1000 रू. की दर से मिलने वाले चिकित्सीय भत्ते को 01-01-2014 से समाप्त कर दिया गया है। रू. 300 की दर से मिलने वाले मकान किराये भत्ते में 01-11-2005 से कोई वृद्धि नहीं की गयी है।
उत्तराखंड गठन के समय रू. 200 प्रतिदिन की दर से मिलने वाले जनसेवा भत्ते को दस गुना बढ़ाकर 2000 रू. प्रतिदिन कर दिया गया हैै। इसे 01-04-2004 से 250 रू. प्रतिदिन , 01-04-2009 से 1 हजार रू. तथा 01-01-2014 से 2 हजार रूपये प्रतिदिन किया गया है। उपलब्ध सूचना के अनुसार विधायकों के रेलवे कूपन व डीजल पेट्रोल भत्ते में भी भारी बढ़ोत्तरी की गयी है । उत्तराखंड गठन के समय इसकी दर 93 हजार रू. प्रतिवर्ष थी, जिसमें 60 हजार रू. को नकद डीजल पेट्रोल भत्ते के रूप में प्राप्त किया जा सकता था। 01-04-2004 से इसे 1 लाख 20 हजार कर दिया गया जिसमें 96000 पेट्रोल डीजल भत्ता नकद था।

इसे पुनः बढ़ाकर 01-11-2005 से 1 लाख 50 हजार (जिसमें 1,20,000 पेट्रोल डीजल भत्ता नकद) कर दिया गया। इसे पुनः 01-05-2008 से बढ़ाकर 2 लाख (जिसमें 1.80 लाखा पेट्रोल डीजल भत्ता नकद) तथा 01-01-2014 से 3 लाख (जिसमें 2.70 लाख पेट्रोल डीजल भत्ता नकद) कर दिया गया है। इसे 01-04-2017 से बढ़ाकर 3,55,000 रू0 कर दिया गया है जिसमें से 3,25000 पेट्रोल/डीजल भत्ते के रूप में नकद प्राप्त किया जा सकता है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top