एक और बिजली गिरी आप के तंबू में
चुनावी मौसम में “आप” के तंबू में चल रहा आंधी-तूफान
पूर्व आईएएस शाह, पूर्व आईपीएस चौहान, आंदोलनकारी जुगरान के बाद अब मेजर जनरल जखमोला ने भी केजरीवाल की आप से तोड़ा नाता
कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व फौजी अफसर सीके जखमोला
अविकल उत्त्तराखण्ड
देहरादून। इन दिनों उत्त्तराखण्ड के खराब मौसम के साथ साथ आप पार्टी में भी जोरदार बिजली कड़क रही है। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी छोड़ने वालों में एक और नाम जुड़ गया। दो दिन पहले आप पार्टी को अलविदा कहने वाले मेजर जनरल सी के जखमोला काँग्रेस में शामिल हो गए।

गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय ‘‘राजीव भवन’’ में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो गौरव वल्लभ की मौजूदगी में रिटा. मेजर जनरल सी के जखमोला ने कांग्रेस की रीति नीति में आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि प्रदेश संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी ,गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी ने मेजर जनरल का स्वागत किया।
उत्त्तराखण्ड के विधानसभा चुनाव में पहली बार शिरकत कर रही आम आदमी पार्टी से इस तरह टूट टूट कर दूसरे दलों में जा रहे नेताओं से पार्टी काफी असहज स्थिति में देखी जा रही है।

बीते कुछ समय पहले पूर्व आईपीएस अनन्त राम चौहान, पूर्व आईएएस सुवर्धन शाह ने आप पार्टी छोड़ते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली के इशारे पर सभी नीतियां लागू की जा रही है। उत्त्तराखण्ड के नेताओं से किसी भी प्रकार का विचार विमर्श नहीं किया जा रहा है।
राज्य आंदोलनकारी व भाजपा सरकार में दायित्वधारी रहे रविन्द्र जुगरान भी कुछ महीने घुटन में बिता भाजपा में लौट आये। जुगरान डीएवी कालेज के अध्यक्ष भी रहे। और जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सतत संघर्ष करते रहे हैं।
चुनावी मौसम में इस तरह बड़े कद के लोगों का केजरीवाल की पार्टी से चंद महीने में ही मोह भंग हो जाना आप के केंद्रीय व प्रदेश स्तरीय नेताओं की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
चर्चा यह भी है कि देहरादून जिले की विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी चयन में पर्वतीय मूल के दावेदारों की उपेक्षा से भी पार्टी कार्यकर्ताओं में गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

आज कांग्रेस में शामिल हुए मेजर जनरल सीके जखमोला ने सेना की मेडिकल कोर में कई बड़े आपरेशन में काम किया। मौजूदा समय में जखमोला कोटद्वार में रह रहे थे। लेकिन उत्त्तराखण्ड में तीसरे विकल्प का सपना देख रही आप पार्टी से पहाड़ी मूल के ओहदेदार लोग जिस तरह से दूसरे दलों में जा रहे हैं उससे एक बात यह भी साफ हो गयी है कि पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल भी एकला चलो की नीति पर चलते हुए बाकी लोगों को साध नहीं पा रहे हैं। यही कारण रहा कि दूसरे दलों से भी किसी बड़े नेता ने आप पार्टी की ओर रुख नहीं किया।
मेजर जनरल सीके जखमोला (retd)

जन्म स्थान मित्रग्राम , पट्टी- मल्ला ढाँगू यमकेश्वर ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल में पैदाइश पिता इन्डियन आर्मी में नायब सूबेदार के पद से रिटायर हुए ।
कक्षा ४ तक मित्रग्राम प्राइमरी पाठशाला पढ़ाई की , तत्पश्चात् कक्षा पाँच नगरपालिका नम्बर २ पाठशाला से कक्षा पाँच पास किया । कक्षा ६ से ८ तक कोटद्वार माद्ध्यमिक विद्यालय से पास किया ।फिर कक्षा ९ से कक्षा १२ लखनऊ से और MBBS जी एस वी एम मेडिकल कालेज कानपुर से समाप्त कर ०२ जनवरी १९८४ में Army medical corps ज्वाइन की । तत्पश्चात् मास्टर आफ सर्जरी की डिग्री AFMC पूने से प्राप्त की और जी आई सर्जरी की पोस्ट डाक्क्टरेट ट्रेनिंग AIIMS नई दिल्ली से ग्रहण की । आर्मी मेडिकल कोर में एक प्रतिष्ठित गैस्ट्रो सर्जन के रूप में जाने गये । तक़रीबन तक़रीबन आर्मी के सभी आप्रेशनस में भाग लिया जिसमें मुख्य रूप से कारगिल युद्ध, आप्रेशन मेघदूत , आप्रेशन ब्रासटेक , आप्रेशन रक्षक और आप्रेशन पराक्रम शामिल हैं।
AFMC Pune , Army college of medical sciences New Delhi एवम् आर्मी अस्पताल आर एन्ड आर में प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष के प्रतिष्ठित पदों पर काम किया है । तत्पश्चात् पोस्टग्रजुएट सुपर स्पेशलिटी आर्मी कमान्ड अस्पताल चँडीगढ के डायरेक्टर और कमाँडाँट रहे ।
सियाचिन ग्लेशियर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक सेवायें प्रदान की हैं । आपको सेना के कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया ।
२९ फ़रवरी २०२० को ३६ वर्ष की लम्बी सर्विस के बाद मेजर जनरल के पद पर सेवा निवृत्त हो गये। उसके बाद हिमालयन हास्पिटल जौली ग्रान्ट देहरादून में सर्जरी और गैस्ट्रो सर्जरी के विभागाध्यक्ष के रूप में आपने अपनी सेवायें दी , तत्पश्चात् आप डायरेक्टर गैस्ट्रो सर्जरी यशोदा हास्पिटल ग़ाज़ियाबाद में सेवारत रहे और पिछले कुछ महीनों नों से कोटद्वार में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
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