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‘हारी’ बाजी पलट बड़े बाजीगर बन कर उभरे पुष्कर सिंह धामी

हारने के बाद भी पीएम मोदी का मिला आशीर्वाद, रचा इतिहास

अविकल थपलियाल

देहरादून। हार कर भी जीत गए धामी। मुकाबला बहुत कड़ा था। विधानसभा चुनाव में 45 साल के सीएम धामी की हार के बाद लगभग एक दर्जन नाम सीएम की कुर्सी के लिए उछलने लगे थे। बाकायदा गम्भीरता से दिल्ली दरबार में लॉबिंग शुरू हो गयी थी।

कम से कम तीन सांसद निशंक, अजय भट्ट व अनिल बलूनी को भी बेहद गंभीर दावेदार माना जा रहा था। चूंकि, भाजपा ने विधानसभा चुनाव युवा धामी के चेहरे को ही आगे रख कर चुनाव लड़ा था।  पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह समेत अन्य बड़े नेता अपनी चुनावी जनसभाओं में धामी को ही प्रोजेक्ट कर के चल रहे थे।

अपने छह महीने के कार्यकाल में धामी ने पार्टी के अंदरूनी असन्तोष को कम करते हुए विभिन्न आंदोलित कर्मियों को कुछ न कुछ सौगात देकर उबाल को कम करने की भी कोशिश की। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न गुटों से भी सामंजस्य बना कर रखा।

लेकिन खटीमा से चुनाव हारने के बाद सीएम कुर्सी के तलबगार  नेताओं ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने के साथ हारे व्यक्ति को कमान नहीं सौंपने के तर्क भी पेश किए। पड़ोसी राज्य हिमाचल में धूमल की हार के बाद विधायक जयराम ठाकुर को सीएम बनाया गया। इसके साथ ही पश्चिमी बंगाल में चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी के फिर सीएम बनने पर भाजपा के विरोध की तस्वीर के पुराने पन्ने भी पलटे।

यह सब तथ्य पुष्कर सिंह धामी की राह का मुख्य रोड़ा बने हुए थे। लेकिन उत्तर प्रदेश में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य  को हार के बाद सरकार में शामिल किए जाने की खबरों कर बीच धामी को भी रिपीट किये जाने की संभावना बलवती होती चली गयी।

दिल्ली में मौजूद एक सशक्त लॉबी शुरू से ही धामी के पक्ष में लगातार माहौल बना रहे थे। इस गुट ने गोपनीय चर्चा में धामी की हार के पीछे अंदरूनी साजिश को भी जिम्मेदार ठहराया।

मतगणना के बाद के दस दिन सत्ता की चालें चली गई। इस बीच, धामी के गुरु व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के दिल्ली प्रवास से भी माहौल अनुकूल होता चला गया। और दोबारा सरकार बनाने के इतिहास के साथ धामी को भी एक बार फिर कमान संभालने का गोल्डन मौका दिया।

पीएम मोदी के आशीर्वाद के बाद पुष्कर सिंह धामी ने हारी बाजी पलट कई चेहरों की रंगत बदल दी। आज के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों के बीच धामी बड़े बाजीगर बन कर उभरे।

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