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चुनाव बाद कांग्रेस छोड़ आप में शामिल हुए पिता-पुत्र

आप के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने जोत सिंह बिष्ट को पार्टी में शामिल किया

अविकल उत्तराखंड

नई दिल्ली/देहरादून। इधर, कांग्रेस ने चम्पावत से निर्मला गहतोड़ी को सीएम पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ चुनावी अखाड़े में उतारा। उधर, टिहरी जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व दर्जाधारी कैबिनेट मंत्री जोत सिंह बिष्ट अपने पुत्र के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। यह दोनों राजनीतिक घटनाक्रम आज दिल्ली में ही हुए।

2022 में धनौल्टी विधानसभा से चुनाव लड़ कर हार चुके जोत सिंह बिष्ट को संगठन में कार्यं करने का खासा अनुभव है। वे 2017 में भी कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए।

जोत सिंह बिष्ट के पार्टी छोडने पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने ट्वीट करते हुए उनके त्यागपत्र को अस्वीकार करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं के अनुसार सुधार भी करेंगे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और जोत सिंह को दिल्ली में डिप्टी सीएम ने आप की टोपी पहन ली। इसका मतलब साफ है कि हार के बाद भी गंभीर युद्घ में उलझी कांग्रेस को अपने पुराने साथी जोत सिंह के पॉलिटिकल मूवमेंट के बारे में भनक तक नहीं लगी।

कांग्रेस की राजनीति में जोत सिंह बिष्ट को हरीश रावत कैम्प का कमांडर माना जाता रहा है। हालांकि, कई मुद्दों पर वे हरीश रावत से खूब खफा भी हुए। इनमें 2017 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने जोत सिंह को विधानसभा का टिकट नहीं दिया था। लेकिन फिर भी वे हरदा के करीबी ही माने जाते रहे।

बहरहाल, चम्पावत चुनाव के लिए कमर कस रही कांग्रेस के लिए चुनावी हार की टीस के बीच जोत सिंह बिष्ट के पार्टी छोड़ देना एक झटका तो माना जा ही रहा है। आने वाले समय में निकाय व पंचायत चुनाव के नद्देनजर पुराने कांग्रेस नेता का पार्टी को बाय बाय कहना टिहरी जिले की राजनीति पर प्रभाव भी डालेगा। यह भी कयास लगाया जा रहा है कि अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए जोत सिंह बिष्ट ने अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य के लिए यह कदम उठाया हो।

विधानसभा चुनाव में आप पार्टी की करारी शिकस्त के बाद कर्नल कोठियाल को साइड लाइन कर कुछ नए नेताओं को जोड़ने की मुहिम के तहत पहला झटका कांग्रेस को लगा है।

बाबा केदार के दर्शन को गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा के लिए भी जोत सिंह का जाना कोई सुखद संकेत तो कतई नहीं है। करण मेहरा के अध्यक्ष बनने से बौराये पार्टी के कुछ नेता इसे प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ ‘विद्रोह’ की शक्ल देने में जुटे हैं। इससे कांग्रेस की आग और भड़कने की उम्मीद है।

पूर्व सीएम हरीश रावत का ट्वीट

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