Headline
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा, काशीपुर में बोले सीएम धामी
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा, काशीपुर में बोले सीएम धामी
“आंगन का मिलन” कार्यक्रम बनेगा सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता का व्यापक अभियान- रेखा आर्या
“आंगन का मिलन” कार्यक्रम बनेगा सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता का व्यापक अभियान- रेखा आर्या
सार्वजनिक स्थान पर हुडदंग मचाने वालों की दून पुलिस ने उतारी खुमारी, 9 युवक हिरासत में
सार्वजनिक स्थान पर हुडदंग मचाने वालों की दून पुलिस ने उतारी खुमारी, 9 युवक हिरासत में
​अपराध का स्वरूप भले ही बदला हो, कानून अब और भी सख्त, बेटियां डरें नहीं, आवाज उठाएं- कुसुम कंडवाल
​अपराध का स्वरूप भले ही बदला हो, कानून अब और भी सख्त, बेटियां डरें नहीं, आवाज उठाएं- कुसुम कंडवाल
हरियाणा की युवती नदी के बहाव क्षेत्र में फंसी, SDRF ने बचाया
हरियाणा की युवती नदी के बहाव क्षेत्र में फंसी, SDRF ने बचाया
एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित, उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बाजार सुविधाओं की दी जानकारी
एमएसएमई योजनाओं पर सेमिनार आयोजित, उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बाजार सुविधाओं की दी जानकारी
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
हरिद्वार में युवक को निशाना बनाकर चली गोली, लिव-इन पार्टनर घायल
हरिद्वार में युवक को निशाना बनाकर चली गोली, लिव-इन पार्टनर घायल
लुधियाना में CM मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का आरोप, रवनीत बिट्टू हिरासत में
लुधियाना में CM मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का आरोप, रवनीत बिट्टू हिरासत में

हरिद्वार पंचायत चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची जारी

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। कांग्रेस ने हरिद्वार जिला पंचायत में 44 वार्ड प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने दी। उधर, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भू-कानून सुधार समिति की संस्तुतियां पर सवाल उठाए। इससे पूर्व, नेता प्रतिपक्ष भी भू कानून की सिफारिशों पर उंगली उठा चुके हैं।

राज्य सरकार द्वारा गठित भू-कानून सुधार समिति की संस्तुतियां भू-सुधार की बजाय भूमि की खरीद-फरोख्त सरकार के चहेते उद्योगपतियों एवं बडे लोगों तक सीमित करने जैसी। राज्य सरकार द्वारा अपने चहेते उद्योगपतियों और बडे लोगों को भूमि खरीद की अनुमति जिला प्रशासन के स्थान पर शासन स्तर पर कर राज्य की भोली-भाली जनता को मात्र गुमराह करने का प्रयास हैः- करन माहरा


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशासन/संगठन मथुरादत्त जोशी के माध्यम से एक बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार उच्च अधिकार प्राप्त समिति के गठन के समय से लेकर रिपोर्ट पेश करने तक समिति के नाम पर जनता और मीडिया का ध्यान प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 4 सालों में विभिन्न प्रयोजनों के लिए अपने चहेते खास लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति देकर उत्तराखंड की बहुमूल्य भूमि को कौडियों के भाव नीलाम किया है। उत्तराखंड में जमीनों की खुली नीलामी की छूट की संभावना और भूमि का अनियंत्रित क्रय एवं विक्रय का खेल 6 दिसंबर 2018 के बाद तब शुरू हुआ था जब पिछली भाजपा  सरकार ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश) जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 143(क) और 154 (2) में संशोधन कर उत्तराखंड में औद्योगीकरण (उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य), कृषि और उद्यानिकी के नाम पर किसी को भी, कहीं भी, कितनी ही मात्रा में जमीनें खरीदने की छूट दे दी थी। भूमि क्रय-विक्रय के नियमों में बदलाव करने के बाद पिछले 4 सालों में भाजपा सरकार ने अपने चहेते उद्योगपतियों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों को अरबों की जमीनें खरीदने की अनुमति दी है।

उन्होंने कहा कि शुचिता एवं पारदर्शिता का दावा करने वाली राज्य सरकार को इस बीच अपने चहेतों को दी गयी राज्य की बहुमूल्य भूमि का पूरा विवरण देना चाहिए। साथ ही सरकार राज्य को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि पिछले 4 सालों में अपने चहेते उद्योगपतियों को भारी मात्रा में उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीन उपहार में देने के बाद राज्य में कितना निवेश आया और कितने लोगों को इन निवेशों के द्वारा रोजगार मिला?

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में प्रचलित उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) में जन भावनाओं के अनुरूप हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर परिवर्तन करने की बात की गई है जबकि समिति की रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं से साफ पता चलता है कि केवल बड़े और प्रभावशाली लोगों को जो भूमि खरीदने की अनुमति पहले जिला प्रशासन से लेनी पडती थी वह अनुमति अब सीधे शासन स्तर से लेनी होगी।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि विभिन्न जिलों तथा धार्मिक महत्व के स्थानों में धार्मिक प्रयोजन के लिए अनुमति के बाद ली गयी भूमि का ब्यौरा भी सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 60-65 सालों से भू-बन्दोबस्त नही हुआ है तथा उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इसकी भी संस्तुति की है। राज्य सरकार को चाहिए कि समिति की इस संस्तुति को मानते हुए राज्य में शीघ्र भूमि बंदोबस्त की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज तक सरकार राज्य में लगे उद्योगों में बड़े पदों पर दूर  समूह ‘ग’ व समूह ‘घ’ के पदों पर भी स्थानीय निवासियों को 70 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित नही कर पायी है तो समिति की शिफारिश के अनुसार फिर विभिन्न प्रयोजनों हेतु जो भूमि खरीदी जायेगी उसमें समूह ग व समूह ‘घ’ श्रेणीयो में स्थानीय लोगो को 70 प्रतिशत रोजगार आरक्षण सुनिश्चित करने का दावा कैसे कर रही है ?  उन्होंने कहा कि भूमि क्रय के पश्चात भूमि का सदुपयोग करने के लिए दो वर्ष की अवधि को बड़ा कर 3 वर्ष करने की अनुशंसा अपने चहेते उद्योगपति और अन्य मित्रों को मदद करना मात्र है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top