Headline
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज

20 अप्रैल को लगने वाला साल का पहला सूर्यग्रहण होगा बेहद खास, तीन रुपों में देगा दिखाई

भोपाल। 19 साल बाद मेष राशि में लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल गुरुवार को पड़ेगा। इस बार ये सूर्य ग्रहण बेहद खास रहने वाला है क्योंकि ये सूर्य ग्रहण हाइब्रिड होगा जो तीन रूपों में दिखेगा। इसमें आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार सूर्य ग्रहण शामिल होंगे। ग्रहण की शुरुआत सुबह सात बजकर चार मिनट से होगी और दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म हो जाएगा। इस तरह से ग्रहण पांच घंटे 24 मिनट तक रहेगा। भारत में सूर्य ग्रहण का सूतककाल मान्य नहीं होगा। जबकि दुनिया के बाकी हिस्सों में इसे आसानी से देखा जा सकेगा।

ज्योतिषाचार्य डॉ. एचसी जैन के अनुसार साल का पहला सूर्य ग्रहण तीन तरह का दिखाई देगा जिसमें यह आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार के रूप में हो तो इसे हाईब्रिड सूर्य कहते हैं। आंशिक सूर्य ग्रहण की घटना के दौरान चंद्रमा सूर्य के छोटे से हिस्से को ढंग पाता है। वहीं पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों ही एक ही सीध में होते हैं। ऐसे में धरती के एक हिस्से में कुछ देर के लिए पूरी तरह से अंधेरा छा जाता है। इसके अलावा कुंडलाकार सूर्य ग्रहण होता है। इसके अलावा कुंडलाकार सूर्य ग्रेहण होता है जब ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आ जाता है फिर सूर्य एक चमकदार रिंग की तरह दिखाई देने लगता है।

इस तरह के सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव – ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु राजौरिया के अनुसार भारत में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है। सूर्य ग्रहण के लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरु हो जाता है जिस दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य, पूजा और खाना इत्यादि नहीं बनाया जाता है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी जातकों के ऊपर पड़ता है। साल के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top