Headline
गंगा में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, 11 लोग डूबे, चार को बचाया, एक का शव बरामद
गंगा में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, 11 लोग डूबे, चार को बचाया, एक का शव बरामद
MBECL पर ED का शिकंजा, तीन राज्यों में 16-17 ठिकानों पर छापेमारी
MBECL पर ED का शिकंजा, तीन राज्यों में 16-17 ठिकानों पर छापेमारी
निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
MBECL पर ED का शिकंजा, तीन राज्यों में 16-17 ठिकानों पर छापेमारी
हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, सुबह-सुबह बुजुर्ग महिला सहित 3 लोगों की बेरहमी से हत्या

मणिपुर। हिंसा की आग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। राज्य के कांगपोकपी जिले के कूकी गांव में सुबह एक बुजुर्ग महिला सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पुलिस और इंडिया रिजर्व बटालियन की वर्दी पहन रखी थी। मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह हाल ही में कहा था कि 48 घंटे से हिंसा नहीं देखी गई है।

आपको बता दें कि पिछले एक महीने से अधिक समय से जातीय संघर्षों ने मणिपुर को अशांत कर दिया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हथियारबंद लोग सुबह करीब 4 बजे आए और गांव में करीब दो घंटे तक रुके रहे और गोलियां चलाईं। हालांकि पुलिस ने तीन लोगों के मारे जाने और दो के घायल होने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने घटना के बारे में इससे अधिक कुछ नहीं कहा है।

खोकेन कांगपोकपी जिले की सीमा पर स्थित है। इंफाल पश्चिम जिले के अंतर्गत आने वाले संगाईथेल से यह गांव महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। खोकेन के निवासियों ने मारे गए तीनों लोगों की पहचान 65 वर्षीय डोमखोहोई, 52 वर्षीय खाइजामंग गुइते और 40 वर्षीय जंगपाओ तौथांग के रूप में की है। गांव के निवासी और डोमखोई के छोटे भाई थोंगखुप डोंगल ने कहा कि तडक़े करीब 40 लोग गांव में दाखिल हुए थे।

उन्होंने कहा, वे अरामबाई तेंगगोल के सदस्यों और पुलिस और आईआरबी की वर्दी पहने हुए थे। उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक फायरिंग चलती रही। हमने गांव खाली किया और नजदीकी सीआरपीएफ कैंप गए और उन्हें यह जानकारी दी। सीआरपीएफ और गोरखा रेजीमेंट के गांव में आने के बाद ही हमलावर निकले। वे पांच जिप्सी में आए थे।

डोमखोई को गांव के उस चर्च में मार दिया गया जहां वह प्रार्थना करने गई थी। परिजन ने कहा, दोनों आदमी साधारण किसान थे। मेरी बहन विधवा थी। इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने आरोप लगाया कि यह हमला सेना की वर्दी में छिपे घाटी के विद्रोहियों द्वारा किया गया था। घटना के जवाब में जनजातीय एकता सदर हिल्स समिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से बंद करने का फैसला किया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने छह प्राथमिकी फिर से दर्ज की हैं और एक डीआईजी-रैंक अधिकारी की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। आपको बता दें कि मणिपुर में मेइती और कुकी के बीच जातीय हिंसा में लगभग 100 लोगों की जान चली गई थी। एसआईटी में 10 अधिकारी शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top