Headline
मोरी में बोलेरो कैंपर 200 मीटर गहरी खाई में गिरा, एक की मौत, 11 घायल
मोरी में बोलेरो कैंपर 200 मीटर गहरी खाई में गिरा, एक की मौत, 11 घायल
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’
जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें- डीएम
जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें- डीएम
उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट
उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

सिलक्यारा टनल हादसा- कल सुबह तक टनल से बाहर निकल सकती है 41 जिंदगियां

उत्तरकाशी। सिलक्यारा टनल हादसे में अभी भी 41 जिंदगियां कैद हैं। टनल के अंदर पिछले 10 दिनों से 41 मजदूर बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पिछले 10 दिनों से यहां युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। मंगलवार की सुबह सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने के सुखद समाचार के साथ शुरू हुई थी। अब बुधवार को इस अभियान को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है।

आज 11वें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। देश के कोने-कोने से मशीनों को एयरलिफ्ट किया गया है और उत्तरकाशी में दिन रात ड्रिलिंग का काम जारी है। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए ऑगर मशीन रात को संचालित की गई। बुधवार की सुबह तक 800 एमएम व्यास के पाइप करीब 32 मीटर तक मलबे में डाले जा चुका है। उम्मीद की जा रही है बुधवार देर रात या फिर गुरूवार की सुबह टनल में फंसे 41 मजदूर बाहर आ सकते हैं।

रेस्क्यू अभियान ने गति पकड़ ली है। प्रशासन भी अपनी अन्य तैयारी में जुट गया है। श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त एंबुलेंस का भी इंतजाम किया जा रहा है। जिसके लिए टिहरी और अन्य जनपद से भी एंबुलेंस मंगाई गई है। उम्मीद है कि बुधवार की रात या बृहस्पतिवार की सुबह तक श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा सकेगा। सुरंग के आसपास जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सुरंग के अंदर जाने वाले श्रमिकों और कर्मचारी की फोन भी सुरंग के गेट पर ही जमा किए जा रहे हैं।

सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान में वायु सेना भी निरंतर सहयोग कर रही है। वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्यों के सभी मोर्चों पर काम शुरू कर दिया गया है। लिहाजा, विभिन्न एजेंसियों को अत्याधुनिक मशीनों की जरूरत पड़ रही है। इन मशीनों को सुरंग तक पहुंचाने में वायु सेना के मालवाहक विमान मददगार साबित हो रहे हैं। मंगलवार को भी वायु सेना ने 18 टन वजन की विभिन्न अत्याधुनिक मशीनी उपकरणों व 24 विशेष स्पाइरल वेल्ड पाइप को राउरकेला और बंगलुरू से एयरलिफ्ट किया।

सुरंग में फंसे मजदूरों की राज्यवार संख्या

राज्य             –     मजदूरों की संख्या

झारखंड        –            15

उत्तर प्रदेश    –              9

ओडिशा        –              5

बंगाल           –             3

उत्तराखंड      –             2

बिहार           –             4

असम           –            2

हिमाचल प्रदेश   –        1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top