Headline
मुख्यमंत्री धामी ने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास
क्रॉप कटिंग प्रयोग में ग्रामीणों के साथ खेत में उतरीं जिलाधिकारी
क्रॉप कटिंग प्रयोग में ग्रामीणों के साथ खेत में उतरीं जिलाधिकारी
क्रॉप कटिंग प्रयोग में ग्रामीणों के साथ खेत में उतरीं जिलाधिकारी
क्रॉप कटिंग प्रयोग में ग्रामीणों के साथ खेत में उतरीं जिलाधिकारी
सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की जनता चाहती है स्थायित्व और विकास
सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की जनता चाहती है स्थायित्व और विकास
सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की जनता चाहती है स्थायित्व और विकास
सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की जनता चाहती है स्थायित्व और विकास
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- रेखा आर्या
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- रेखा आर्या
कोटद्वार के बालागंज-लूथापुर में 2.47 किमी सड़क निर्माण का शिलान्यास
कोटद्वार के बालागंज-लूथापुर में 2.47 किमी सड़क निर्माण का शिलान्यास
TMC नाम-चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगी अंतिम फैसले की समयसीमा
TMC नाम-चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगी अंतिम फैसले की समयसीमा

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन केदारनाथ में दीप जलाकर मनाया जाएगा दीपोत्सव 

रुद्रप्रयाग। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महाउत्सव की तैयारियां जोरो पर हैं। हर कोई इस पल का साक्षी बनने के लिए उत्साहित है। इस उत्सव को और भव्य बनाने के लिए मय हिमालय की मेरू-सुमेरू पर्वत शृंखलाओं के मध्य स्थित बाबा केदारनाथ में घी के 108 दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा। धाम में रह रहे संत स्वामी ललित रामदास महाराज के श्रीराम आश्रम में यह उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही राम नाम की धुन के बीच बीच सुंदरकांड और भजन कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। भंडारा और धाम में मौजूद लोगों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

इस दौरान धाम में कुल तीस लोग मौजूद रहेंगे। संत स्वामी ललित रामदास ने बताया कि वे बीते 13 वर्षो से भगवान राम के दर्शन करते आ रहे है। मान्यता है कि आदिदेव महादेव के ईष्ट भी श्रीराम ही हैं। राम नाम लेकर ही उन्होंने विष को अपने कंठ में लिया था, और नीलकंठ के नाम से जप किया। अयोध्या में 500 साल बाद हो रहे प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जा रहा है, ऐसे में धाम में खासा उत्साह बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top