Headline
अलकनंदा में डूबे NIT के छात्र का शव बरामद
अलकनंदा में डूबे NIT के छात्र का शव बरामद
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों को लेकर ली बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों को लेकर ली बैठक
केन्द्रीय रेल मंत्री से मिले कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह और सांसद अनिल बलूनी
केन्द्रीय रेल मंत्री से मिले कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह और सांसद अनिल बलूनी
मेहुवाला माफी में 15 से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
मेहुवाला माफी में 15 से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन
उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन
सभी जनप्रतिनिधि दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के विकास के बने साक्षी- सतपाल महाराज
सभी जनप्रतिनिधि दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के विकास के बने साक्षी- सतपाल महाराज
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का किया निरीक्षण
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की फिर बदली रिलीज डेट, अब 5 जून को होगी रिलीज
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की फिर बदली रिलीज डेट, अब 5 जून को होगी रिलीज

धामी कैबिनेट के फैसले से संवरेगी आर्थिकी

मत्स्य पालकों में भारी उत्साह, कहा घर के पास ही मिला बाजार

मत्स्य पालन को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम

देहरादून। कैबिनेट के फैसले को लेकर मत्स्य उत्पादकों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार का यह फैसला उनकी आर्थिकी को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय जिलों की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी है। इसी क्रम में स्थानीय किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष अनुदान आधारित योजनाएं शुरू की गई हैं। कैबिनेट फैसले के अनुसार स्थानीय पशुपालक, कुक्कुट पालक और मत्स्य पालक अपनी भेड़, बकरी, कुक्कुट और मछली आईटीबीपी को बेच सकेंगे। इससे जहां स्थानीय ग्रामीणों को अपने उत्पादों के लिए घर के पास ही बाजार मिलेगा, वहीं वह अच्छी आय भी अर्जित कर सकेंगे।

उत्तराखंड में मत्स्य पालन की बेहतर संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार मत्स्य पालन को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के साथ ही मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹200 करोड़ की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। योजना के तहत राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में कोल्ड रनिंग वाटर में ट्राउट मछली का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। रेनबो ट्राउट मछली की विशेषता है कि यह ठंडे पानी में उत्पादित होती है। पानी का तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। मत्स्य विभाग इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करता रहा है।

रेनबो ट्राउट मछली की मार्केटिंग पर जोर
रेनबो ट्राउट जिसे आमतौर पर हिमालयन मछली भी कहा जाता है, के उत्पादन और मार्केटिंग पर सरकार खास जोर दे रही है। इस मछली का उत्पादन मुख्य रूप से चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर में किया जाता है। रेनबो ट्राउट महंगी होने से स्थानीय बाजारों में इसकी मांग कम है, लेकिन महानगरों में अच्छी डिमांड है। अब देश के दूसरे राज्यों में इसकी मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादक भी अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे। राज्य सरकार ने मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने और मार्केटिंग के लिए उत्तरा फिश की स्थापना की है। उत्तरा फिश हिमालयी ट्राउट और अन्य स्थानीय मछलियों को बाजार दिलाने के लिए काम कर रही है।

हमारे प्रदेश में मत्स्य पालन की असीम संभावनाएं हैं। मत्स्य पालन को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना से जोड़ा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top