Headline
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत

क्या आपको भी है फैटी लिवर की समस्या- तो सिर्फ खराब डाइट ही नहीं, ये आदतें भी हो सकती हैं जिम्मेदार

क्या आपको भी है फैटी लिवर की समस्या- तो सिर्फ खराब डाइट ही नहीं, ये आदतें भी हो सकती हैं जिम्मेदार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फैटी लिवर एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लोग अक्सर मान लेते हैं कि इसका कारण केवल असंतुलित खानपान है, जबकि हकीकत यह है कि कई अन्य जीवनशैली से जुड़ी आदतें भी इस रोग का खतरा बढ़ाती हैं।

अगर लिवर में वसा की मात्रा 5–10% तक पहुंच जाए, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह गंभीर लिवर रोग में बदल सकता है। इसलिए खानपान के साथ-साथ इन कारणों पर भी नज़र रखना जरूरी है—

1. शारीरिक निष्क्रियता और नींद की कमी
लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम न करना और खराब नींद की आदतें लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकती हैं। इससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

2. तनाव और दवाओं का अधिक सेवन
लगातार तनाव से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो लिवर के कार्य को बाधित करता है। वहीं, कुछ दवाओं का लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

3. तेजी से वजन कम करना
कम समय में ज्यादा वजन घटाना भी लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है। इस दौरान फैट मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया बिगड़ जाती है और लिवर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

बचाव के उपाय
फैटी लिवर से बचने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन बेहद जरूरी है। अगर आपको फैटी लिवर के लक्षण महसूस हों, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें। समय पर उपचार और सही जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top