Headline
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री
युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री
“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल
“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल
6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल
6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल
सीजेपी का बड़ा ऐलान:: 80 सालों से हो रही आदिवासी स्कूलों की अनदेखी, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान
सीजेपी का बड़ा ऐलान:: 80 सालों से हो रही आदिवासी स्कूलों की अनदेखी, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान
अभिषेक बनर्जी ने शेयर की आंख की चोट वाली तस्वीर, इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा
अभिषेक बनर्जी ने शेयर की आंख की चोट वाली तस्वीर, इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन
नेपाल में लगातार दो बार कांपी धरती, 4.5 और 4.2 तीव्रता के भूकंप से मची हलचल
नेपाल में लगातार दो बार कांपी धरती, 4.5 और 4.2 तीव्रता के भूकंप से मची हलचल

उत्तराखंड शासन से आया है ये लेटेस्ट अपडेट

देहरादून।अब पेंशन धारक की मृत्यु होने पर वैध उत्तराधिकारी को एक माह के अन्दर संबंधित कोषागार को अनिवार्य रूप इसकी सूचना देगी होगी। इस संबंध में अपर सचिव वित्त डॉ.इकबाल अहमद द्वारा निदेशक कोषागार एवं प्रदेश के समस्त कोषाधिकारीयों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है। निदेशक कोषागार एवं हकदारी उत्तराखण्ड दिनेश चन्द लोहनी द्वारा अवगत कराया गया है कि राज्य के विभिन्न कोषागारों से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनरों की मृत्यु होने के उपरांत उनके वैध उत्तराधिकारी द्वारा ससमय कोषागारों में उनकी मृत्यु की सूचना प्रेषित नहीं की जा रही है। जिससे कदाचित अनावश्यक रूप से राजकीय धन का प्रेषण उक्त मृत पेंशनधारकों के बैंक खातों में होता है, जिसे कालांतर में समायोजित किया जाना पड़ता है। यह स्थिति वित्तीय अनुशासन की दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशानुसार राज्य के विभिन्न कोषागारों से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशन धारक की मृत्यु होने के उपरांत एक माह की अवधि के भीतर उनके वैध उत्तराधिकारी द्वारा उनकी मृत्यु की सूचना अनिवार्य रूप से सम्बन्धित कोषागार को उपलब्ध करा दी जाय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top