Headline
हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है-मुख्यमंत्री
हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है-मुख्यमंत्री
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: डॉ धन सिंह रावत
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: डॉ धन सिंह रावत
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जाएगा सम्मानित-रेखा आर्या
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जाएगा सम्मानित-रेखा आर्या
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 एएसपी अधिकारियों के तबादले
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 एएसपी अधिकारियों के तबादले
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति

कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथी सफारी को मिली हरी झंडी

कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथी सफारी को मिली हरी झंडी

भारतीयों के लिए 1000 और विदेशियों के लिए 3000 रुपये रहेगा शुल्क

देहरादून। उत्तराखंड के दो प्रमुख अभयारण्यों—काॅर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व—में अब पर्यटक हाथी पर बैठकर जंगल की रोमांचक सैर का आनंद ले सकेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अनुमति के लिए वन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों रिजर्व के चयनित जोनों में सुबह-शाम हाथी सफारी संचालित की जाएगी।

इन जोनों में मिलेगी हाथी सफारी की सुविधा

जारी आदेश के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में बिजरानी और ढिकाला क्षेत्र को हाथी सफारी के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला जोन को शामिल किया गया है। सभी स्थानों पर दो-दो घंटे की निर्धारित अवधि में सफारी उपलब्ध रहेगी, जिसका संचालन जिप्सी सफारी के समान समय पर होगा।

भारतीय पर्यटकों के लिए सफारी शुल्क 1000 रुपये, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए 3000 रुपये निर्धारित किया गया है।

राजकीय हाथियों के जरिये चलेगी सफारी

सफारी का संचालन 15 नवंबर से 15 जून तक राजकीय हाथियों के माध्यम से होगा। इसमें आशा, अलबेली, रानी, रंगीली और राधा जैसे प्रशिक्षित हाथी शामिल रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार ये हाथी अनुभवशील हैं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सफारी के लिए चयनित किया गया है।

स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने दी थी मंजूरी

हाथी सफारी प्रस्ताव को इसी वर्ष जून में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में स्वीकृति मिली थी। बोर्ड का उद्देश्य है कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को जंगल, वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक व्यवहार से निकटता से रूबरू होने का मौका मिले। इस पहल से प्रकृति पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top