635 संदिग्ध मामले आए सामने
देहरादून। उत्तराखंड में पशुओं में फैलने वाले लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में पशुओं में बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में अब तक 21 में लंपी संक्रमण की पुष्टि हुई है। नैनीताल जिले में इस बीमारी की चपेट में आने से एक बछड़े की मौत भी हुई है।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर के अनुसार, राज्य में अब तक 635 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। इनमें देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले शामिल हैं। संदिग्ध पशुओं के 269 नमूने जांच के लिए बरेली भेजे गए थे, जिनमें से 55 नमूनों की रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हो चुकी है।
प्राप्त जांच रिपोर्ट में 21 नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि अन्य नमूनों में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। बीमारी के संभावित प्रसार को देखते हुए पशुपालन विभाग ने संबंधित जिलों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
विभाग की ओर से लंपी रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण और पशुशालाओं में साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रतिदिन करीब 5 से 6 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों को बीमार या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक सामने आए संदिग्ध मामलों में से 427 पशु उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार टीकाकरण समेत अन्य जरूरी कदम आगे भी उठाए जाएंगे।



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