पौड़ी। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर में बुधवार को स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग की रोकथाम को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों को स्टॉकिंग व साइबर स्टॉकिंग से जुड़े अपराधों, कानूनी प्रावधानों और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले स्टॉकिंग की घटनाएं मुख्य रूप से सार्वजनिक स्थानों तक सीमित थीं, लेकिन अब सोशल मीडिया, ई-मेल और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए साइबर स्टॉकिंग की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति का बार-बार पीछा करना, अनचाहा संपर्क करना या मानसिक रूप से परेशान करना स्टॉकिंग के दायरे में आ सकता है। वहीं सोशल मीडिया, मैसेज, ई-मेल या फर्जी प्रोफाइल के जरिए किसी को परेशान करना अथवा उसकी निजी जानकारी का दुरुपयोग करना साइबर स्टॉकिंग की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की समय पर शिकायत करना और उपलब्ध सहायता तंत्र का इस्तेमाल करना आवश्यक है।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं। महिला आयोग की ओर से भी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं की सहायता और सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर समेत विभिन्न व्यवस्थाएं संचालित हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग विश्वसनीय लोगों के साथ ही सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और बातचीत के दौरान निजता व सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
महापौर आरती भंडारी ने कहा कि डिजिटल दौर में बच्चों समेत परिवार के सदस्यों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी सजग रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।
कार्यशाला में पुलिस विभाग की साइबर सेल टीम ने साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराध होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, कुलसचिव वाई.के. रेवानी, प्रोफेसर मंजू गुसाईं, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमिला भंडारी, साइबर सेल श्रीनगर के प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार समेत महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।

Just wantt to saay youur articxle is aas amazing. Thee clearneess in ypur
pokst iis simnply pectacular andd i ccould assume you’re aan exert oon tthis subject.
Fine ith yourr permission lett mme tto gtab your RSS feedd too kep updateed wikth forthcoming post.
Thanks a milkion aand plerase keeep up the enjoyable
work. xnxx