Headline
मंत्री रेखा आर्या ने किया 50 से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण
मंत्री रेखा आर्या ने किया 50 से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण
मुख्यमंत्री धामी ने ‘प्रयास बेहतर कल के लिए’ स्मारिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री धामी ने ‘प्रयास बेहतर कल के लिए’ स्मारिका का किया विमोचन
जैकी श्रॉफ बने सुपरहीरो, ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का टीजर रिलीज
जैकी श्रॉफ बने सुपरहीरो, ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का टीजर रिलीज
सीमांत गांवों के विकास हेतु 402 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
सीमांत गांवों के विकास हेतु 402 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि पर दी श्रद्धांजलि
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन
चार धाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच- डाॅ. धन सिंह रावत
चार धाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच- डाॅ. धन सिंह रावत
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला

आपदा के बीच परंपरा कायम, दयारा बुग्याल में 20 दिन बाद मनाया गया अंडुड़ी मेला

आपदा के बीच परंपरा कायम, दयारा बुग्याल में 20 दिन बाद मनाया गया अंडुड़ी मेला

उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल में इस वर्ष पारंपरिक अंडुड़ी मेला (बटर फेस्टिवल) धराली आपदा के कारण तय तिथि से 20 दिन बाद आयोजित किया गया। रैथल और आसपास के ग्रामीणों ने परंपरा निभाते हुए दूध-दही, मक्खन की होली खेली और राधा-कृष्ण बने पात्रों ने दही की हांडी फोड़कर उत्सव का शुभारंभ किया।

परंपरा से जुड़ा पर्व

आमतौर पर दयारा पर्यटन समिति और ग्रामीण हर साल भाद्रपद संक्रांति के दिन यह मेला मनाते हैं। सावन में बुग्यालों में मवेशियों के साथ रहने वाले लोग दूध-दही और मक्खन एकत्र करते हैं, जिन्हें बाद में देवताओं और वनदेवियों को भोग स्वरूप अर्पित किया जाता है। इस बार आपदा के कारण केवल गांव के लोगों ने ही सीमित रूप से यह पर्व मनाया।

उत्सव और श्रद्धांजलि

शनिवार को आयोजित मेले में ढोल-दमाऊं की थाप पर ग्रामीणों ने रासो-तांदी किया और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। समिति अध्यक्ष मनोज राणा और सदस्य पृथ्वीराज राणा ने बताया कि आयोजन से पहले शुक्रवार शाम धराली आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गई।

सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

मेले के समापन पर रैथल में सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top