Headline
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज

उत्तराखंड को विश्व बैंक से मिलेंगे 1 हजार करोड़

देहरादून।उत्तराखंड के लिये विश्व बैंक ने 1000 करोड़ रुपये की बारानी कृषि परियोजना को मंजूरी दे दी है।वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन, अधिक ग्रीन हाऊस गैस उत्सर्जन से वैश्विक स्तर पर अनिश्चित मौसम चक्र/घटनाओं से सभी देश प्रभावित हैं। हमारा राष्ट्र भी COP -26 Agreement का प्रतिभागी है, इसी को दृष्टिगत रखते हुये उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा ग्रीन हाऊस कार्वन उत्सर्जन कम किये जाने एवं जलवायु परिवर्तन से हो रहे कृषि क्षेत्र में प्रभावों को कम करने हेतु भारत सरकार को विश्व बैंक से वित्त पोषण के लिए ‘उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना’ का प्रस्ताव प्रेषित किया।

यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों में स्प्रिंगशैड प्रबन्धन, कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, पलायन रोकथाम, नवीनतम आधुनिक तकनीक अपनाकर क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहित करने में कारगर सिद्ध होगी, ताकि कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा सके. इससे प्रदेश के युवाओं एवं कृषकों हेतु कृषि एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित हो सकेगा. राज्य के बारानी कृषि क्षेत्र के व्यापक सुधार, प्रति इकाई उत्पादकता वृद्धि तथा कृषि व्यवसाय वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित परियोजना में प्रमुख रूप से ये गतिविधियां की जाएंगी।उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारानी खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से बनाई गई 1000 करोड़ रूपये की ‘उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना’ को विश्व बैंक द्वारा मंजूरी दे दी गई है. यह परियोजना जलागम विभाग द्वारा क्रियान्नवित की जायेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top