Headline
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
कुमेरिया में डंपर हादसा: गहरी खाई से SDRF ने बरामद किया चालक का शव
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
लंबे समय तक तेज बुखार के साथ कमजोरी और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है टायफाइड
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज
अनुराग कश्यप लंबे समय बाद बच्चों के लिए ला रहे फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज

उत्तराखंड से दिल्ली जाने वाली रोडवेज की 250 में से 200 बसों पर 1 अक्तूबर से लग जाएंगे ब्रेक, जानिए क्या है वजह

[ad_1]

देहरादून। दिल्ली सरकार ने उत्तराखंड सरकार को सिर्फ बीएस-6 बसों को ही एंट्री देने का पत्र भेजा है। इस पत्र मिलने के बाद विभाग में खलबली मच गई है। इस पत्र के बाद 250 में से 200 बसों पर एक अक्तूबर से ब्रेक लग जाएंगे। दरअसल, बीएस-6 मानक वाली 22 वॉल्वो और कुछ अनुबंधित बसें मिलाकर सिर्फ 50 बसें ही परिवहन निगम के पास हैं।

हाल ही में दिल्ली परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त ओपी मिश्रा की ओर से उत्तराखंड परिवहन निगम को एक पत्र मिला है। इसमें बताया गया है कि दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने भी यह निर्देश दिए थे कि एक अप्रैल 2020 से दिल्ली में बीएस-4 वाहनों की खरीद-फरोख्त नहीं होगी। केवल बीएस-6 वाहन ही संचालित होंगे। इसके अलावा, एनजीटी ने पहले ही निर्देश दिया है कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को एनसीआर में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पत्र में बताया गया है कि दिल्ली का पूरा सार्वजनिक परिवहन सीएनजी आधारित हो चुका है। लिहाजा, एक अक्तूबर से दिल्ली में किसी भी राज्य की बीएस-4 बस को एंट्री नहीं दी जाएगी। केवल बीएस-6 रोडवेज बसें ही एंट्री कर सकेंगी। इस पत्र के बाद परिवहन निगम ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। निगम की करीब 250 बसें उत्तराखंड से दिल्ली रूट पर संचालित होती हैं। इनमें से बमुश्किल 22 वॉल्वो और कुछ अनुबंधित मिलाकर 50 बसें ही बीएस-6 हैं। इसके लिए निगम अब 141 बीएस-6 बसें खरीदने जा रहा है, जिसका टेंडर निकल चुका है।

परिवहन निगम के एमडी रोहित मीणा दिल्ली सरकार से पत्र मिल चुका है। एक अक्तूबर से बीएस-4 बसों की एंट्री बंद होगी। इससे पहले ही हमने बीएस-6 बसों की खरीद शुरू कर दी है। हमने हाल ही में 141 बीएस-6 बसों की खरीद का टेंडर निकाला है। उम्मीद है, उससे पहले ही हम इस समस्या से पार पा लेंगे।

क्या होता है बीएस-6
बीएस का मतलब होता है भारत स्टेज। इसका सीधा संबंध उत्सर्जन मानकों से होता है। दरअसल बीएस-6 इंजन से लैस वाहनों में खास फिल्टर लगे होते हैं, जिससे 80-90 फीसदी पीएम 2.5 जैसे कण रोके जा सकते हैं। इससे नाइट्रोजन ऑक्साइड पर भी नियंत्रण लगता है। जिसकी वजह से प्रदूषण पर काफी रोक लगेगी। ऑटो एक्सपर्ट के मुताबिक बीएस-6 गाड़ियों में हवा में प्रदूषण के कण 0.05 से घटकर 0.01 रह जाते हैं। जिससे वातावरण साफ रहता है। बीएस-6 इंजन से लैस गाड़ियों से (पेट्रोल और डीजल) होने पर प्रदूषण 75 फीसदी तक कम होता है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top