Headline
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित
“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट
“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश

कांग्रेस नेता विकेश सिंह नेगी बोले भाजपा के घोषणा पत्र में कुछ भी नया नहीं, 99 प्रतिशत झूठ बोलते हैं भाजपाई

देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के महासचिव विकेश सिंह नेगी ने भाजपा के दृष्टि पत्र को दृष्टिविहीन घोषणापत्र करार देते हुए इसे मतदाताओं को बहलाने की नाकाम कोशिश ठहराया है। विकेश सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा के इस करतब से मतदाता अपना मत बदलने वाले नहीं है। इस दृष्टि पत्र में जनता को राहत देने का न तो कोई वचन है और न ही राज्य के विकास का कोई खाका ही नजर आता है।

कांग्रेस नेता विकेश सिंह नेगी बोले भाजपाई महाझूठे हैं, 99 प्रतिशत झूठ बोलते हैं। इतिहास में भी वो एक झूठे साहेब के नाम से ही जाने जाऐंगे। मार्केटिंग के आदमी हैं, तो भोले-भाले पहाड़ियों को ठग लेते हैं। पहाड़ की जनता को पांच साल पहले भी ठगा था। आज भी ठगने चले आए। पांच साल पहले कहा कि पहाड़ की जवानी और पानी यहां के काम आएगी। आई क्या?

कोरोना काल में चार लाख प्रवासी गांव लौटे, कितने रुके? प्रदेश में 14 प्रतिशत बेरोजगारी है। कितनों को नौकरी मिली? पिछले पांच साल में कितने गांव आबाद किये? चकबंदी की? ग्रामीण रोजगार के लिए क्या किया?
कहा था कि सेना के एक सिर के बदले दस सिर लाएंगे? लाए क्या? उत्तराखंड में हर महीने कई जवानों का पार्थिव शरीर चला आता है। वन रैंक वन पेंशन का झोल सबको पता है। सेना में जनरल विपिन रावत पहले उत्तराखंडी नहीं थे। इससे पहले भी सैकड़ों अफसर हुए हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जनरल विपिन रावत के नाम पर वोट मांग रहे हो, उनके गांव सड़क तो पहुंचा नहीं पाये। पहाड़ों को खोखला कर गुजरातियां का घर भर रहे हैं। प्रस्तावित नये बदरीनाथ धाम में भी गुजरातियों का ही कब्जा होगा। सावधान पहाडियो। ठगी से बचो।

विकेश सिंह नेगी ने कहा कि सच तो यह है कि केवल खानापूर्ति के लिए दृष्टि पत्र जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे दृष्टि पत्र से दृष्टि पूरी तरह गायब है। उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी के लिए प्रसिद्ध भाजपा अपने दृष्टि पत्र में जुमलेबाजी भी नहीं कर पाई, इससे साफ होता है कि कांग्रेस के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए वह अपने जुमलेबाजी के हुनर को भी भूल गई है।

विकेश सिंह नेगी ने कहा कि अब जबकि मतदान के लिए मात्र पाँच दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में भाजपा शब्दजाल बुनने की कला भी भूल गई है जबकि केवल इसी एक फन में उसे महारत हासिल है। लोक कल्याण और प्रदेश के विकास से उसका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव के मौके पर भाजपा ने लोकायुक्त की नियुक्ति का वादा किया था। आज पाँच साल बाद भी प्रदेश में लोकयुक्त नहीं है। यही भाजपा का असली चेहरा है जो कहती कुछ और है और करती कुछ और।

विकेश सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की माली हालत हो या नौजवानों, महिलाओं, बुजुर्गों के लिए भाजपा के दृष्टि पत्र में कोई विजन नहीं है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था भाजपा पहले ही चौपट कर चुकी है। वह इसके अतिरिक्त कुछ नहीं कर सकती। प्रदेश के जागरूक लोग इस बात को समझ चुके हैं। रोज़गार, उद्योग, व्यापार और जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए भी दृष्टि पत्र से दृष्टि पूरी तरह गायब है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि भाजपा अपनी नाकामी, प्रदेश की जनता को निराश करने और अपने गुनाहों के लिए माफ़ी मांगती तो शायद लोग उस पर रहम करते। उसने यह मौका भी खो दिया है। लिहाजा उसकी विदाई तय हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top