Headline
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश
श्रीनगर में 3 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
श्रीनगर में 3 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कुणाल खेमू की ‘वाइब’ का टीजर जारी, स्पाई मिशन में दिखेगा कॉमेडी और एक्शन का तड़का
कुणाल खेमू की ‘वाइब’ का टीजर जारी, स्पाई मिशन में दिखेगा कॉमेडी और एक्शन का तड़का
पौड़ी में सीता सर्किट के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये मंजूर
पौड़ी में सीता सर्किट के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये मंजूर
युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या
युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या

गुजरात चुनाव में भाजपा का चेहरा नरेन्द्र मोदी

अजय दीक्षित
पहली दिसम्बर को गुजरात में पहले चरण का मतदान हुआ । उस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 70 किलोमीटर का एक रोड शो किया और पांच-छ: जगह चुनावी भाषण दिया । उसी दिन उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के ‘रावण’ वाले प्रश्न का जवाब दिया ।  अब यह सभाएं टी.वी. पर लाइव दिखाई जा रही थी तो चुनाव आचार संहिता का क्या मतलब । देश की अन्य संस्थाओं की तरह चुनाव आयोग भी बंद पिंजरे का तोता है या कहें कौवा है । यह सरासर गलत है कि उस दिन किसी भी पार्टी को चुनाव प्रचार की इजाज़त मिले । पर भारत में कथनी और करनी में भेद है ।

अब पता नहीं भाजपा और कांग्रेस राम और उनकी कथा को कितना समझती है ? भाजपा तो खुश है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके कार्यकाल में राम मन्दिर का फैसला सुनाया जिसे भाजपा अपनी जीत बताकर कहती है कि वह राम मन्दिर बनायेगी ? अब उन्हें कौन समझाये कि राम तो सर्वव्यापी, सर्वत्र और सभी जगह हैं । इण्डोनेशिया जैसे मुस्लिम देश में भी पूज्य हैं ।  भारत के सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और मुसलमान लडक़े-लड़कियां राम कथा से परिचित हैं । उन्हें एक छोटे से जनपद अयोध्या का नरेश बतलाकर क्यों कर छोटा किया जा रहा है  ? राम सर्वकालिक सर्वत्र और सर्वस्व हैं । वे देश काल की सीमा से बंधे नहीं हैं । वे इण्डोनेशिया के मुस्लिम बहुल इलाकों में भी हैं जहां रामलीला खेली जाती है ।
पता नहीं कैसे खडक़े साहब ने रावण के एक सौ सिर बता दिये और पता नहीं कैसे मोदी जी अपने को राम भक्त कह कर जवाब देते हैं ?

तुलसीदास की रामचरित मानस में बतलाया गया है कि राम-रावण युद्ध तो मात्र माया का खेल था । रामचरित मानस केआरण्य काण्ड में उल्लेख है कि जब शूर्पणखा रो- रोकर दशग्रीव को अपनी दशा बतला रही थी तो रावण ने सीता को हरने का नाटक रचा । रावण कहता है कि अब पृथ्वी में भगवान ने अवतार ले लिया है । मैं तो जाकर हठ पूर्वक उनसे बैर करूंगा ताकि उनके हाथों मारा जाकर प्रभु के वाण से भवसागर तर जाऊं ।

 लक्ष्मण को कंदमूल लेने जाने पर राम सीता से कहते हैं कि मैं अब कुछ लीला करने वाला हूं । तुम अग्नि में निवास करो । रावण में नकली सीता का हरण किया था और उन्हें अपने महल में न रखकर एक सुरक्षित कुटिया में रखा । राम के समझाने पर सीता प्रभु के चरणों को अपने हृदय में रखकर अग्नि में समा गई । अत: रावण ने जब सीता को हरा था वह तो छाया मात्र थी । ऐसी छाया को भी रावण ने प्रणाम किया था । अरण्य काण्ड में 27/8 में वर्णन है कि रावण ने सीता जी के चरणों की वंदना में सुख माना ।

राम अपरिमित बल वाले, अनादि, अजन्मा, निराकार, अगोचर, इन्द्रियतीत, विज्ञान की घनमूर्ति और पृथ्वी पर अवतार हैं । एक पौराणिक प्रसंग में विश्वामित्र हनुमान से कहते हैं कि रावण ने नाटक रचा था, मुक्ति पाने के लिए । वह तो शिव जी का परम भक्त था और शिव जी ने उसे बहुत से वरदान दिए थे ।

इस कथा में साधारण मनुष्य के लिए भी संदेश है कि विपत्ति काल में विद्वानों की बुद्धि भी भ्रमित हो जाती है । रामकथा को न तो खडक़े साहब समझ पाये और माफ करें न ही हमारे अपने श्रद्धेय और प्रिय नरेन्द्र भाई जी । वैसे भी हमारे प्रधानमंत्री को अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी बड़ी जिम्मेदारी है और 1 दिसम्बर 2022 से जी -20 के अध्यक्ष हैं । विश्व मंच पर मोदी जी की प्रसिद्धि है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top