Headline
वंदे मातरम् के आधे-अधूरे गायन का निर्णय देश की भावनाओं और शहीदों के बलिदान का अपमान: सीएम धामी 
वंदे मातरम् के आधे-अधूरे गायन का निर्णय देश की भावनाओं और शहीदों के बलिदान का अपमान: सीएम धामी 
पिंडर घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में डीएम अपूर्वा पाण्डे का स्थलीय निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
पिंडर घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में डीएम अपूर्वा पाण्डे का स्थलीय निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन
मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन
चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित
चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण

तो इस कारण बदले गए पौड़ी के डीएम और SSP

पौड़ी।अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद आखिरकार पौड़ी जिले के डीएम और एसएसपी का तबादला हो गया है।अब आईएएस आशीष कुमार चौहान को पौड़ी का जिलाधिकारी बनाया गया है।वहीं, आईपीएस स्वेता चौबे को जिले का नया कप्तान बनाया गया है।

डीएम जोगदंडे अपने मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के कारण काफी चर्चाओं में रहे डॉक्टर जोगदंडे उन गिने-चुने जिलाधिकारियों में शुमार है। जिन्होंने जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक भ्रमण कर लोगों की समस्याओं को तवज्जो दी। उन्होंने लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए कभी समय की सीमा तय नहीं की हालांकि अंकिता भंडारी हत्याकांड व बीरोंखाल बस हादसे को छोड़ दिया जाए तो पौड़ी उत्तराखंड के सबसे शांत जिलाधिकारियों में गिना जाता है या अक्सर मुख्यालय में कम तो देहरादून अधिक रहते हैं।

वही जोगदंडे ऐसे अफसर रहे जिन्होंने अपना पूरा कार्यकाल पौड़ी मुख्यालय में ही गुजारा। पौड़ी की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिला प्रशासन को काफी विवादों का सामना करना पड़ रहा था। जिस तरह से यमकेश्वर के vanantra रिसोर्ट में रातों-रात बुलडोजर चलाया गया था और फिर उसके बाद प्रशासन ने इस पर बार बार बयान बदले उससे लोगों में काफी गुस्सा था इन सभी मामलों में पौड़ी जिला प्रशासन की काफी किरकिरी हुई जिसके बाद से ही जिले के डीएम और कप्तान के बदलने की तैयारी शुरू हो गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top