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CM धामी हैं विभाग के मुखिया,पहाड़ चढ़ने को तैयार नहीं उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारी 

देहरादून। इसे पहाड़ की जीवटता कहेंगे या फिर कठोरता कि कोई यहां ठहरने के लिए तैयार नहीं है।डॉक्टर हो या फिर शिक्षक या अन्य विभागीय अधिकारी कोई पहाड़ नहीं चढ़ना चाहते। ताजा मामला उत्तराखंड पेयजल निगम का है। वर्तमान समय में पेयजल निगम के चार डिविजन बिना अधिशासी अभियंता के चल रहें है या यूं कहें कि इन पहाड़ी डिवीजनों में कोई इंजीनियर् जाने को तैयार नहीं है।

उत्तराखंड पेयजल निगम के गंगा श्रीनगर डिविजन, गोपेश्वर, मुख्य अभियंता कार्यालय पौड़ी और पेयजल निगम पिथौरागढ है।ये चार डिविजन बिना अधिशासी अभियंता के चल रहें है।आपको बता दें वर्तमान समय में पेयजल विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास है।सूत्रों के हवाले से खबर  है कि उत्तराखंड पेयजल निगम के उच्च अधिकारियों की इस लापरवाही की शिकायत सीएम दरबार तक पहुंच चुकी है।

उत्तर प्रदेश के समय से ही उत्तराखंड में अधिकारियों की पोस्टिंग सजा के तौर पर देखी जाती रही है लेकिन अलग राज्य उत्तराखंड बनने के बाद भी अधिकारियों की यह मानसिकता खत्म नहीं हो पा रही है। उत्तराखंड में राजनेताओं की कमजोरी के चलते अफसरशाही हमेशा हावी रही है।वर्तमान सरकार में पहला मौका ऐसा आया जब तबादलों की सूची जारी होने के बाद कई पेयजल निगम के अधिकारियों ने इस चार डिवीजनों में तैनाती लेने से साफ इंकार कर दिया।

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