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विकसित उत्तराखण्ड की यात्रा में प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
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CM धामी को इस विधायक ने लिखा पत्र,की ये शिकायत

प्राणी मात्र को जीवित रहने के लिये तीन मूलभूत आवश्यकतारों क्रमशः प्राणवायु, जल एवं अन्न हैं। मेरे गृह विकासखण्ड जाखणीधार में पेयजल की विकट समस्या पैदा हो गयी है। मैंने पूर्व में भी आपका ध्यान इस ओर आकृष्ट किया था। वर्ष 2006 में मैंने यहां की पेयजल समस्या के निराकरण हेतु कोश्यारताल पम्पिंग योजना स्वीकृत करवाई थी। इस योजना पर अब तक लगभग आधा अरब से अधिक रूपया व्यय हो चुका है, लेकिन अभी तक लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र गोदी जी की जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल हर घर जल योजना में तो हर घर नल पंहुच गये हैं लेकिन नलों पर जल नहीं है।

जाखणीधार विकासखण्ड का अधिकत्तर भाग टिहरी बांध से प्रभावित है। टिहरी बांध जहां एक और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आधा जनसंख्या को पेयजल उपलब्ध करा रहा है। उत्तराखण्ड की नदियां देश की 60 करोड़ आबादी को पेयजल एवं सिंचाई जल भी उपलब्ध करवा रही हैं, वही टिहरी बांध का Core पार्ट अगर एक-एक बूंद पानी के लिये तरस रहा है तो इससे सरकार की छवि पर नकरात्मक असर पड़ रहा है।

मेरे आपसे निम्न दो निवेदन हैं –

1. अविलम्ब टिहरी विधानसभा विशेषकर जाखणीधार की पेयजल समस्या का सामाधान किया जाय।

2 कोश्यार ताल पेयजल योजना एवं जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की सक्षम एजेन्सी से जांच की जाय।

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