Headline
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद
नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी

फूलों की घाटी में इस बार अधिक मात्रा में खिला है पेडीकुलेरिस (हल्दीय फूल), जानिए क्यों है यह फूल खास

[ad_1]

चमोली।  विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में इन दिनों विभिन्न प्रजाति के फूल अपनी रंगत बिखेर रहे हैं। इन दिनों घाटी में पेडीकुलेरिस (हल्दीय फूल) अधिक मात्रा में खिला हुआ है। गत वर्षों तक बेहद कम मात्रा में खिलने वाला यह फूल इस बार घाटी के गेट से लेकर पुष्पावती नदी के किनारे तक अपनी खुशबू बिखेर रहा है।

यह फूल औषधीय गुणों से भी भरपूर है। फूलों की घाटी में 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटक घाटी के सैर-सपाटे पर पहुंच रहे हैं। इस बार घाटी में पर्यटकों को सबसे ज्यादा कोई आकर्षित कर रहा है तो वह है पेडीकुलेरिस (हल्दीय फूल)।

यह फूल घाटी में दूर-दूर तक फैला है। स्थानीय गाइड चंद्रशेखर चौहान ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार यह फूल अधिक संख्या में खिला है। पर्यटक इस फूल को देख अभिभूत हो रहे हैं। यह फूल घाटी के गेट से ही खिला हुआ है।

वनस्पति शास्त्री डा. विनय नौटियाल का कहना है कि यह एक औषधीय पौधा है। इसका उपयोग बुखार और इनफेक्शन रोकने में लाभदायक है। उन्होंने बताया कि फूलों की घाटी में इस वर्ष इस पौधे के सबसे अधिक खिलने की वजह यह है कि पिछले दो सालों से घाटी में सीमित संख्या में पर्यटकों की आवाजाही हुई।

यह छोटा पौधा होता है और अधिक मात्रा में आवाजाही होने पर यह पैरों से कुचल जाता है जिस कारण यह पनप नहीं पाता है। इसी वजह से इस बार घाटी में यह अधिक मात्रा में खिला है।

फूलों की घाटी के दीदार के लिए लगातार पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को 386 पर्यटकों ने घाटी में प्रवेश किया। घाटी में इन दिनों पल-पल मौसम बदल रहा है। बारिश से घाटी में उच्च हिमालयी क्षेत्रों की तलहटी में दूर-दूर तक बुग्याल फैले हुए हैं।

फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि फूलों की घाटी में अभी तक 5000 से अधिक पर्यटक सैर-सपाटे पर पहुंचे हैं। घाटी को जाने वाले रास्ते का भी सुधारीकरण कार्य हो गया है। पर्यटक दिनभर घाटी में घूमने के बाद रात्रि विश्राम के लिए मुख्य यात्रा पड़ाव घांघरिया पहुंच रहे हैं।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top