Headline
मोरी में बोलेरो कैंपर 200 मीटर गहरी खाई में गिरा, एक की मौत, 11 घायल
मोरी में बोलेरो कैंपर 200 मीटर गहरी खाई में गिरा, एक की मौत, 11 घायल
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’
जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें- डीएम
जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें- डीएम
उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट
उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

श्रीलंका में भोजन का संकट, डब्लूएफपी ने मांगी 500 करोड़ रुपए की सहायता

[ad_1]

कोलंबो । श्रीलंका में इस समय आर्थिक संकट से हाहाकार मचा हुआ है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोगों के खाने पर आफत आ गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि देश में 60 लाख से अधिक लोगों पर खाने का संकट मंडरा रहा है और फिलहाल 30 लाख लोगों की भूख मिटाने के लिए 500 करोड़ रुपए (भारतीय रुपये) की जरूरत है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (श्रीलंका) के राष्ट्रीय प्रमुख अब्दुर रहीम सिद्दीकी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में आजादी के बाद से सबसे खराब खाद्य संकट का सामना कर रही है और अगले कुछ महीनों में चौंका देने वाली मुद्रास्फीति बढऩे की उम्मीद है। सिद्दीकी ने कहा कि श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहा है। खाद्य मुद्रास्फीति की दर जून तक 80 प्रतिशत से अधिक है और आने वाले महीनों में इस प्रवृत्ति के बढऩे की संभावना है।

एक अध्ययन के अनुसार, लगभग एक चौथाई आबादी, यानी लगभग 53 लाख लोग या तो वे अपने भोजन की मात्रा कम कर रहे हैं या एक वक्त भोजन छोड़ रहे हैं या वे खाने कि लिए अपने परिवार के युवा सदस्यों को वरीयता दे रहे हैं। श्रीलंका में खाद्य संकट के बीच समय की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि 2022 के अंत तक डब्ल्यूएफपी को 500 करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है, हालांकि यह केवल 30 प्रतिशत लोगों की भूख मिटा सकेगा।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top