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आखिर क्यों खास है रुस के लिए विजय दिवस का दिन जानिए

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 रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़े अब करीब ढाई महीने से भी ज्यादा का समय हो गया है। हालांकि, इसके बावजूद रूसी सेना को यूक्रेन में कुछ खास सफलताएं नहीं मिली हैं। उल्टे उसे कीव में जारी अपना ऑपरेशन डोनबास क्षेत्र तक सीमित करना पड़ा है। इस बीच आज रूस में विजय दिवस का जश्न मनाया जाएगा। इसी दिन रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की घोषणा की थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस दिन रूसी जनता को संबोधित कर सकते हैं। 

रूस में विजय दिवस के मद्देनजर शहरों की सड़कें लाल रंग के सोवियत झंड़ों और नारंगी-काले रंग की धारीदार सैन्य रिबन से पटी हुई हैं। ‘ग्रेट पैट्रियॉटिक वॉर’ से जुड़े स्मारकों पर पूर्व सैनिकों के समूह पुष्पांजलि अर्पित कर रहे हैं। रूस में द्वितीय विश्व युद्ध को ‘ग्रेट पैट्रियॉटिक वॉर’ के तौर पर जाना जाता है।

विजय दिवस यानी 1945 में नाजी जर्मनी की हार का जश्न मनाने के लिए आ होने वाले समारोह की तैयारियां पहली नजर में पिछले वर्षों की तरह ही नजर आती हैं। लेकिन इस साल माहौल बहुत अलग है, क्योंकि रूसी सैनिक एक बार फिर युद्ध लड़ रहे हैं और प्राणों की आहुति दे रहे हैं।

पड़ोसी देश यूक्रेन में जारी यह युद्ध 11वें हफ्ते में प्रवेश कर गया है। रूस सरकार ने इसे नाजियों के खिलाफ युद्ध बताया है। रूस के सबसे महत्वपूर्ण अवकाश के साथ जुड़े इस गौरव और देशभक्ति को आमतौर पर सैनिकों और सैन्य उपकरणों की रेड स्क्वायर से होकर गुजरने वाली बड़ी परेड के साथ मनाया जाता है। कुछ रूसियों को डर है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस मौके का इस्तेमाल यूक्रेन पर युद्ध की घोषणा करने के लिए करेंगे, जबकि पहले वह इसे यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान कहते रहे हैं।
यूक्रेन के खुफिया प्रमुख कायरिलो बुडानोव ने कहा कि मॉस्को गुप्त रूप से ऐसी योजना की तैयार कर रहा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने एलबीसी रेडियो से कहा कि पुतिन ‘‘ऐसी जमीन तैयार कर रहे हैं, जिसमें वह कह सकें कि देखो, यह नाजियों के खिलाफ युद्ध है तथा इसमें मुझे और लोगों की जरूरत है।’’ बहरहाल, क्रेमलिन ने ऐसी किसी भी योजना से इनकार करते हुए इन खबरों को गलत और बेतुका बताया है।



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