Headline
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया

इस पेयजल योजना में बहा दिए ₹2.42 करोड़, नहीं टपका एक भी बूंद पानी

उत्तरकाशी।उत्तरकाशी में 11 साल पहले संग्राली पाटा पेयजल योजना के तहत ₹2.42 करोड़ से पाइप लाइन बिछाई गई और नल लगाए गए. लेकिन आज तक नल से एक बूंद पानी की नहीं टपकी।जिसकी वजह से क्षेत्र के 550 परिवार पानी के लिए दर-दर भटकने को मनजबूर हैं।वहीं, मामले में शासन ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन 2 कनिष्ठ अभियंता, एक सहायक अभियंता और 2 अधिशासी अभियंताओं से 70 लाख की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।

ग्रामीणों की शिकायत पर पेयजल निगम ने योजना के निर्माण की जांच की. जिसमें 2015 में शासन के उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे. मामले में अब शासन द्वारा तत्कालीन 2 कनिष्ठ अभियंता, एक सहायक अभियंता और 2 अधिशासी अभियंताओं से 70 लाख की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।

बता दें कि उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर संग्राली पाटा पेयजल योजना पर 2011 में कार्य शुरू हुआ था. जिसकी लगात 2 करोड़ 42 लाख रुपए थी और 8 किलोमीटर लंबी इस पेयजल योजना का कार्य 2014 में पूरा होना था. लेकिन जल निगम के तत्कालीन 2 कनिष्ठ ,1 सहायक और 2 अधिशासी अभियंता द्वारा पेयजल योजना का गलत सर्वे और गलत एलाइनमेंट में पाइप लाइन डालने से आजतक पानी नहीं पहुंच पाया. इसको लेकर 2015 में शासन के उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे।

वर्तमान पेयजल निगम अधिशासी अभियंता मुकेश जोशी ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है. शासन द्वारा तत्कालीन 2 कनिष्ठ अभियंता, एक सहायक अभियंता और 2 अधिशासी अभियंताओं से 70 लाख की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं. विभाग के तकनीकी अधिकारियों की गलती के कारण करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भी आज तक पानी नहीं आ पाया है. इस पेयजल योजना पर फिर से डीपीआर बनाई जा रही है. फिर से इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।

जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर संग्राली, पाटा और बगियाल गांव में 11 साल पहले संग्राली-पाटा पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी।पेयजल निगम ने 2 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च किए थे. लेकिन किसी भी ग्रामीण के घर में एक बूंद पानी तक नहीं आया. तीन गांवों के करीब 550 परिवारों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top