Headline
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड- रेखा आर्या
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड- रेखा आर्या

उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन नाराज,ये है कारण?

देहरादून। दिनांक ०६/२/२०२३ उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन उत्तराखंड प्रदेश के संज्ञान में समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ कि उत्तराखंड जल संस्थान से नगर निगम क्षेत्र की समस्त पेयजल योजनाएं आगामी कैबिनेट बैठक में नगर निगम को हस्तान्तरित कर दी जायेगी जिसका उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन उत्तराखंड प्रदेश विरोध करता है ,संगठन के महामंत्री रमेश बिन्जोला द्वारा कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार व शासन उत्तराखंड जल संस्थान का अस्तित्व ही समाप्त करना चाहती है जबकि उत्तराखंड जल संस्थान पूर्ण निष्ठा एवं इमानदारी के साथ कई वर्षो से उत्तराखंड की जनता को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति प्रदान करता आ रहा है यदि समस्त शहरी क्षेत्र की नगर निगम की पेयजल योजनाओं को नगर निगम में दिया जाता है तो उस स्थिति में उत्तराखंड जल संस्थान एवं पेयजल निगम का एकीकरण कर राजकीय करण करना न्यायोचित होगा यदि सरकार व शासन द्वारा शहरी क्षेत्र की योजनाएं नगर निगम को हस्तान्तरित की गयी तो उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन को विवश होकर सम्पूर्ण प्रदेश में आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसका सम्पूर्ण उत्तर दायित्व सरकार व शासन का होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top