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उत्तराखंड शासन के आदेशों का नहीं मान रहे है कई विभाग और उनके अधिकारी- कर्मचारी

देहरादून।पर्यावरण को लेकर कई तरह के पहल किए जा रहे हैं।इसमें उत्तराखंड के सरकारी कार्यालय भी शामिल हो रहे हैं।उत्तराखंड सरकार के एक फैसले में सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों में पानी पीने के लिए प्लास्टिक के बोतल इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।इसके तहत कर्मचारी-अधिकारी प्लास्टिक के कप-ग्लास, बोतलें और प्लेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक मुक्त बनाने की योजना को सरकारी विभाग और कर्मचारी ही फेल करने में लगे हुए है। बैठकों आदि कार्यक्रमों में अभी भी प्लास्टिक का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। बीते कुछ माह पूर्व सरकार ने प्लास्टिक मुक्त योजना के लिए निर्देश जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि समस्त सरकारी कार्यालयों को प्लास्टिक मुक्त किया जाए। इसके तहत कार्यालयों-विद्यालयों में प्लास्टिक से संबंधित किसी भी वस्तु मसलन प्लास्टिक की बोतल, गिलास, प्लेट, थाली आदि का प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है।

निर्देश मिलने के बाद उत्तराखंड शासन ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी थी। लेकिन सरकारी विभाग सुधरते हुए नहीं दिख रहे हैं।उत्तराखंड सरकार के कई विभागों में सरकारी कार्यालयों में भी प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल हो रहा है।उत्तराखंड शासन ने सभी विभागों, अधिकारी-कार्मिक को आदेश दिए थे की धातु की बोतल का प्रयोग करेंगे और साथ ही वह प्लास्टिक के दुष्परिणामों को भी बताएंगे।

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