Headline
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां
पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां
‘द रिवोल्यूशनरीज’ का ‘जय दुर्गा’ गाना रिलीज, भक्ति के साथ दिखा वीरता का रंग
‘द रिवोल्यूशनरीज’ का ‘जय दुर्गा’ गाना रिलीज, भक्ति के साथ दिखा वीरता का रंग
रुड़की में चार बाइकों की हुई आमने-सामने भिड़ंत, तीन युवकों की मौत
रुड़की में चार बाइकों की हुई आमने-सामने भिड़ंत, तीन युवकों की मौत
देहरादून में 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख लोगों को नोटिस
देहरादून में 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख लोगों को नोटिस
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम, नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम, नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित

उल-जूलूल बयानबाजी बाज आयें मौर्य, सतयुग कालीन है बदरीनाथ धाम: महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बदरीनाथ धाम को बौद्ध मठ बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद को सनातन धर्म की कोई जानकारी नहीं है इसलिए वह उल-जूलूल बयानबाजी कर खबरों में बने रहना चाहते हैं।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम सतयुग कालीन है। यहाँ नर, नारायण ने तपस्या की थी। समाजवादी पार्टी के नेता को पता होना चाहिए कि जब यहाँ नर, नारायण ने तपस्या की थी तब महात्मा बुद्ध का जन्म भी नहीं हुआ था। इसलिए बदरीनाथ धाम को बौद्ध मठ बताना सरासर गलत है।

महाराज ने कहा कि हालांकि सनातन परम्परा में महात्मा बुद्ध को भी हम नारायण का ही एक रुप मानते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि स्वामी प्रसाद मौर्य बदरीनाथ धाम के विषय में कुछ भी ऊटपटांग बोलते फिरें। उन्होने कहा कि उन्हें इस बात का पता होना चाहिए कि जब पूर्व में नीति घाटी से उत्तराखंड में व्यापार होता था तो उस समय भगवान बदरीनाथ के लिए तिब्बत के मठों से भी चढ़ावा आता था। उन्होने भी भगवान बद्रीविशाल की महिमा को माना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top