Headline
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
Indian Army TES-57 Recruitment 2026: सेना में अधिकारी बनने का मौका, आवेदन शुरू; 12 नवंबर तक करें अप्लाई
Indian Army TES-57 Recruitment 2026: सेना में अधिकारी बनने का मौका, आवेदन शुरू; 12 नवंबर तक करें अप्लाई
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर मंथन
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर मंथन
मुख्यमंत्री धामी की दो टूक संदेश—सड़कें गड्ढामुक्त हों, विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी की दो टूक संदेश—सड़कें गड्ढामुक्त हों, विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई
वसुंधरा ताल में स्थापित हुई पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियल झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती
वसुंधरा ताल में स्थापित हुई पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियल झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती
खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त
खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त
FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद
FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद
ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच
ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच

केजरीवाल और राहुल का फर्क

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सचमुच जोखिम ले रहे हैं। राजनीति खास कर चुनावी राजनीति की जो टैक्टिकल लाइन होती है उसे वे छोड़ कर भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। जिस दिन उन्होंने विनायम दामोदर सावरकर का नाम लेकर और उन पर हमला करके कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया उसके एक दिन बाद ही उनकी यात्रा में सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन का चेहरा रहीं मेधा पाटकर शामिल हुईं। राहुल उनके कंधे पर हाथ रख कर चलते दिखे। भारतीय जनता पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा में कहा कि मेधा पाटकर ने गुजरात और गुजरातियों को देश भर में बदनाम किया और ऐसे आदमी के साथ कांग्रेस नेता यात्रा कर रहे हैं।

अब सोचें, क्या राहुल गांधी को पता नहीं था कि मेधा पाटकर के साथ यात्रा करने पर गुजरात में पार्टी को नुकसान हो सकता है? उनको पता था फिर भी उन्होंने अपनी विचारधारा की वजह से जोखिम लिया। इसी मामले में बिना विचारधारा वाली आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी का फर्क दिखता है। जब गुजरात के चुनाव की घोषणा नहीं हुई थी तब कहीं से यह खबर मीडिया में प्लांट की गई कि आम आदमी पार्टी मेधा पाटकर को गुजरात में मुख्यमंत्री का चेहरा बना सकती है। इस बात पर केजरीवाल इस तरह भडक़े कि सारी मर्यादा भूल गए। उन्होंने इसे झूठी खबर बताते हुए कहा कि उन्होंने भी सुना है कि भारतीय जनता पार्टी सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाने जा रही है। सोचें, मेधा पाटकर का नाम जोड़े जाने भर से केजरीवाल कितना भडक़े थे और राहुल उनके कंधे पर हाथ रख कर चल रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top