Headline
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
Indian Army TES-57 Recruitment 2026: सेना में अधिकारी बनने का मौका, आवेदन शुरू; 12 नवंबर तक करें अप्लाई
Indian Army TES-57 Recruitment 2026: सेना में अधिकारी बनने का मौका, आवेदन शुरू; 12 नवंबर तक करें अप्लाई
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर मंथन
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर मंथन

गैर नहीं अब सैलानियों की चहलकदमी से गुलजार रहेगा गौरसों, साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर शासन को भेजा

देहरादून। विकास के लिहाज से अब तक गैर रहा गौरसों अब सैलानियों की चहलकदमी से गुलजार रहेगा। सरकार साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए गौरसों को विकसित करेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर शासन को भेजा है। 1994 में चमोली जिले के जोशीमठ से औली तक चार किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया गया था। इससे औली पर्यटन स्थल के रूप में गुलजार हो गया, लेकिन उसके करीब तीन किलोमीटर ऊपर स्थित गौरसों बुग्याल वीरान ही रहा।

समुद्रतल से करीब 3056 मीटर की ऊंचाई पर स्थिति गौरसों में सालभर में कुछ चुनिंदा ट्रैकर ही पहुंचते हैं। गौरसों में सीजन में भारी बर्फबारी होती है। साल के ज्यादातर समय यहां बर्फ रहती है। इसलिए यदि यहां पर साहसिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं जुटाई जाएं तो यहां काफी पर्यटन पहुंचेंगे और स्कीइंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का रोमांच ले सकेंगे।

ये कार्य हैं प्रस्तावित
गौरसों को नए साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए कई विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं। मुख्य रूप से औली से गौरसों तक रोपवे के निर्माण और रेसिंग ढलान के निर्माण की योजना है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए ठहरने के लिए हट्स, खानपान के लिए कैफेटेरिया समेत अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।

औली में कम बर्फबारी भी वजह
औली के ढलाननुमा पहाड़ स्कीइंग गतिविधियों के लिए सबसे बेहतरीन जगह हैं, लेकिन कई बार जनवरी व फरवरी माह में औली में कम बर्फबारी होने या बर्फ के न टिकने के कारण स्कीइंग खेलों का आयोजन नहीं हो पाता है। इसे देखते हुए औली से गौरसौं तक रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। ताकि गौरसों के ढलानों पर स्कीइंग हो सके।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा सरकार प्रदेश में साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इससे प्रदेश में साल भर पर्यटन गतिविधियां संचालित होंगी। कई बार औली में बर्फ नहीं होती है। इसकी वजह से स्कीइंग नहीं हो पाती और पर्यटकों को बर्फ देखने को नहीं मिलती है। औली से समीप ही गौरसौं में हर साल भारी बर्फबारी होती है। इस क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top