Headline
जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम
जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम
UP-बिहार समेत चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव का ऐलान, 23 अक्टूबर को मतदान
UP-बिहार समेत चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव का ऐलान, 23 अक्टूबर को मतदान
ओट्स सेहतमंद है, लेकिन ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका
ओट्स सेहतमंद है, लेकिन ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका
महाराष्ट्र की UCC समिति से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा,प्रश्नावली को लेकर समिति में मतभेद
महाराष्ट्र की UCC समिति से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा,प्रश्नावली को लेकर समिति में मतभेद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया
वेदांता एल्युमिनियम का ग्लोबल जलवा, वित्त वर्ष 2025-26 में किया 3.5 अरब डॉलर का निर्यात
वेदांता एल्युमिनियम का ग्लोबल जलवा, वित्त वर्ष 2025-26 में किया 3.5 अरब डॉलर का निर्यात
सात साल बाद फिर बड़े पर्दे पर लौट रही ‘एवेंजर्स: एंडगेम’, एडवांस बुकिंग में मचा रही धूम
सात साल बाद फिर बड़े पर्दे पर लौट रही ‘एवेंजर्स: एंडगेम’, एडवांस बुकिंग में मचा रही धूम
दूषित पेयजल मामले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 इंजीनियर निलंबित
दूषित पेयजल मामले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 इंजीनियर निलंबित
आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं की जानकारी के साथ बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां- रेखा आर्या
आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं की जानकारी के साथ बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां- रेखा आर्या

ग्रामीणों मरीजों के लिए भगवान हैं डॉ केपी सिंह, चमोली से पहुंचे युवक की 4.30 घंटे चली सर्जरी, बचाई जान

[ad_1]

– उत्तरकाशी अस्पताल में सर्जन के पद पर हैं तैनात

उत्तरकाशी । चमोली के एक दूरस्थ गांव गुड़साल का लव सिंह बिष्ट तपेदिक का रोगी है। इस बीमारी से उसकी आंतें बुरी तरह से चिपक गयी थी। उसके पास उपचार के लिए देहरादून या दिल्ली जाने के लिए कोई विकल्प नहीं था। उसने सुना था कि उत्तरकाशी जिला अस्पताल में डा. केपी सिंह सर्जन हैं। वह जीवन की उम्मीद लिए डा. सिंह के पास उत्तरकाशी पहुंचा।

इस अस्पताल में सर्जरी के लिए सीमित संसाधन हैं, लेकिन डा. सिंह ने मरीज की हालत को देखते हुए निर्णय लिया कि सर्जरी यहीं करेंगे। उन्होंने आपरेशन करने में साढ़े चार घंटे लगे। आपरेशन सफल रहा। लव सिंह पहला पहला केस नहीं है कि जब डा. केपी सिंह ने उसका आपरेशन किया। डा. सिंह के पास सुदूर गांवों से मरीज आते हैं और वह उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरते हैं। उत्तरकाशी, चमोली, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के मरीज भी उनके पास आते हैं।

दरअसल, आज भी पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं लचर हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों का भारी अभाव है। डाक्टर पहाड़ चढ़ने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में डा. के पी सिंह जैसे डाक्टर हमारी पहाड़ की उम्मीद हैं। डा. सिंह के अनुसार उन्होंने अस्पताल में सर्जरी के लिए कुछ उपकरण और देने के लिए पत्र लिखा है। उनका कहना है कि यदि उपकरण पूरे हों तो ग्रामीण मरीजों को सर्जरी के लिए देहरादून या अन्य शहरों की ओर नहीं जाना होगा। डा. केपी सिंह के जज्बे और मानवीय दृृष्टिकोण और सेवाभाव के लिए सलाम।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top