Headline
धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना
धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना
मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना
महिला एशिया कप 2026-  भारत और बांग्लादेश के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज
महिला एशिया कप 2026- भारत और बांग्लादेश के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज
ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था को लगाई फटकार
ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था को लगाई फटकार
ऋण फर्जीवाड़े पर डीएम सख्त, संदिग्ध मामलों की होगी एसआईटी जांच
ऋण फर्जीवाड़े पर डीएम सख्त, संदिग्ध मामलों की होगी एसआईटी जांच
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता

बदलते मौसम का असर- सर्दी-खांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, जानिए खुद को कैसे रखें सुरक्षित

बदलते मौसम का असर- सर्दी-खांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, जानिए खुद को कैसे रखें सुरक्षित

मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिन में बढ़ती गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंड शरीर पर असर डाल रही है, जिससे लोग सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों और क्लीनिकों में गले में खराश, नाक बंद, छींक और हल्के बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर के लिए एक तरह का दबाव (थर्मल स्ट्रेस) पैदा करता है। ऐसे में शरीर को नए मौसम के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। यही स्थिति वायरस को संक्रमण फैलाने का मौका देती है। इसी वजह से मौसम बदलते ही फ्लू, वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं।

जनरल फिजिशियन डॉ अरविंद शर्मा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ओपीडी में वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण सामान्य रूप से देखे जा रहे हैं। कई लोगों में स्वाद और गंध की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो रही है, हालांकि ज्यादातर मामलों में यह कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक मौसम परिवर्तन वायरस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इसके अलावा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाना, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना और स्वच्छता में कमी संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

वायरल फीवर मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस के कारण फैलता है, जो खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों या संक्रमित सतहों के संपर्क से तेजी से फैल सकता है। बदलते मौसम में यह संक्रमण ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

बचाव के लिए डॉक्टर संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम पर जोर देते हैं। हाथों की सफाई बनाए रखना, भीड़-भाड़ में मास्क पहनना और बीमार लोगों से दूरी रखना भी जरूरी है। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और मजबूत इम्युनिटी के जरिए इस मौसमी वायरल संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top