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ब्रिटेन के सांसदों ने भोपाल गैस त्रासदी पीडि़तों के लिए सहयोग दिलाने का किया आह्वान

लंदन। भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद नवेंदु मिश्रा के नेतृत्व में लेबर सांसदों ने यूके सरकार से भोपाल गैस त्रासदी के पीडि़तों को त्वरित न्याय, चिकित्सा देखभाल और सही मुआवजा देने के लिए राजनीतिक समर्थन देने का आह्वान किया है। स्टॉकपोर्ट के लेबर एमपी नेवेन्दु मिश्रा ने यूके की संसद से कहा, 2 दिसंबर, 1984 की त्रासदी से पीडि़त होने वालों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। पीडि़तों का न्याय दिलाने के लिए उनके अभियान में हमारे देश के योगदान की शुरुआत होनी चाहिए।

33 वर्षीय सांसद ने यूके सरकार से यूनियन कार्बाइड की मूल कंपनी डाउ केमिकल्स पर प्रदूषक भुगतान सिद्धांत को स्वीकार करने और पारिश्रमिक की जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया।
इतिहास में सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा के रूप में जानी जाने वाली त्रासदी 38 साल पहले हुई थी, जब भोपाल में यूनियन कार्बाइड रसायन कारखाने में रिसाव के बाद 5 लाख से अधिक लोग 40 टन मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के संपर्क में आ गए थे।

यह अनुमान लगाया गया है कि हादसे में 3,800 लोग तत्काल मारे गए थे। गैस रिसाव के पहले 72 घंटों में 10 हजार लोगों की मौत हो गई, और बाद में गैस के संपर्क में आने वाले 25 हजार और लोगों की मौत हुई। डेढ़ लाख लोग लंबे समय तक बीमार रहे।
लगभग एक लाख लोग दूषित पानी के संपर्क में आ चुके हैं। ग्रीनपीस नामक संस्था ने बताया कि 2002 तक डेढ़ लाख लोग गंभीर रूप से बीमार थे। इनमें से हर दो दिन में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती थी।
वेस्टमिंस्टर हॉल बहस में तनमनजीत सिंह ढेसी ने कहा, भारत में भोपाल गैस आपदा इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक आपदा है, जिसमें 25 हजार लोगों की मौत हो गई। हादसे के पीडि़त न्याय, जवाबदेही और उचित मुआवजे के हकदार हैं।

लेबर सांसद लिवरपूल रिवरसाइड के किम जॉनसन ने एक ट्वीट में लिखा, भोपाल आपदा के लगभग 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड (डॉव द्वारा खरीदा गया) अभी भी पीडि़तों को मुआवजा देने से इंकार कर रहा है। यह उपनिवेशवाद का प्रत्यक्ष परिणाम है, जहां भूरे रंग का जीवन कम मायने रखता है।
मामले में भारत सरकार ने अमेरिकी अदालत में 3 बिलियन डॉलर के हर्जाने के लिए मुकदमा दायर किया, तो यूनियन कार्बाइड ने राहत के रूप में 7 मिलियन डॉलर की पेशकश की। इसके बाद कंपनी ने 1986 में इस प्रस्ताव को बढ़ाकर 350 मिलियन डॉलर कर दिया। 1989 में यूनियन कार्बाइड ने दावों के अंतिम निपटान में 470 डॉलर मिलियन का भुगतान किया।

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