Headline
12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव
12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश
सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश
देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश
आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश
रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण
रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव
दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले
दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
क्या आपको भी लगती है सुबह उठते ही तेज भूख? तो जान लीजिये इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें

यहां अधिशासी अभियंता पर लगा फर्जी बिल बनाकर भुगतान करने का आरोप

देहरादून।पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड में फर्जीवाड़ा की खबर सामने आई है। यह फर्जीवाड़ा किसी छोटे कर्मचारी नहीं बल्कि अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाना बताया गया है। जिसका संज्ञान लेते हुए खुद प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

खास बात यह है कि इसमें अधिशासी अभियंता राजीव सिंह पर फर्जी हस्ताक्षर और जाली मोहर के जरिए मस्टरोल बिल के भुगतान करने की बात कही गयी है।जिसका संज्ञान लेते हुए खुद प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

ऊर्जा निगम यूं तो अपने कई मामलों को लेकर चर्चाओं में रहता है, लेकिन इस बार बात फर्जीवाड़ा करने से जुड़ी है और यह फर्जीवाड़ा किसी छोटे कर्मचारी नहीं बल्कि अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाना बताया गया है। दरअसल, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड में अधिशासी अभियंता राजीव सिंह पर फर्जी हस्ताक्षर और जाली मोहर के जरिए कर्मचारी के मस्टरोल बिल के भुगतान के मामले में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. खास बात यह है कि इस मामले में हुई प्रारंभिक जांच के दौरान अधिशासी अभियंता राजीव सिंह की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।

यही नहीं इस जांच के बाद राजीव सिंह को पिटकुल मुख्यालय में अटैच करने के आदेश भी दे दिए गए हैं। खास बात यह है कि इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कड़ा रुख दिखाते हुए फौरन इस मामले पर जांच के आदेश भी दे दिए हैं।मामले को लेकर सीई एचएस ह्यांकी और उप महाप्रबंधक वित्त मनोज कुमार को जो अधिकारी नामित करते हुए 1 महीने के भीतर मामले की विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिटकुल में इस मामले के सामने आने के बाद बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी का इस तरह मस्टरोल भुगतान को लेकर सवालों के घेरे में आना कई प्रश्न खड़े कर रहा है, हालाकिं अच्छी बात यह है कि प्रबंध निदेशक ने इसे गंभीरता से लिया है और कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दे दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top