Headline
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
वजन घटाने के लिए कर रहे हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग? पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 बड़े नेताओं को फांसी की सजा
तमिलनाडु में सीएम विजय की टिप्पणी को लेकर विवाद, डीएमके के ए राजा समेत तीन नेताओं पर केस
तमिलनाडु में सीएम विजय की टिप्पणी को लेकर विवाद, डीएमके के ए राजा समेत तीन नेताओं पर केस
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला
पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला

राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की तैयारी में..? शिवसेना की पार्टी मीटिंग में मिले इस बात के संकेत

[ad_1]

महाराष्ट्र। राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की तैयारी में है। इस बात का संकेत शिवसेना की पार्टी मीटिंग से मिला है। शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकार ने बताया की मीटिंग में सांसदों ने इस संबंध में मांग की है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सांसदों से कहा है कि वह एक-दो दिन में इस बारे में फैसला लेकर उन्हें बताएंगे। गजानन कीर्तिकार ने कहा कि भले ही मुर्मू एनडीए उम्मीदवार हैं, लेकिन वह आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और एक महिला है। इसलिए शिवसेना सांसदों का मत है कि उन्हें मूर्मू को सपोर्ट करना चाहिए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के तहत शिवसेना और भाजपा के संबंध सामान्य नहीं है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना सांसदों की बगावत के बाद यहां पर महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार गिर गई थी। इसके बाद भाजपा और शिवसेना के बागी गुट ने मिलकर सरकार बनाई है। इस बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच शिवसेना सांसदों द्वारा अगर भाजपा उम्मीदवार को समर्थन दिया जाता है तो यह अपने आप में बेहद चौंकाने वाली बात होगी। गौरतलब है कि आज शिवसेना सांसदों की बैठक में इस बारे में मांग की गई है।

बता दें कि आदिवासी बैकग्राउंड और महिला उम्मीदवार होने के नाते द्रौपदी मुर्मू को विभिन्न दलों का समर्थन मिल रहा है। इसमें वह दल भी शामिल हैं, जिनकी भाजपा से वैचारिक असहमतियां हैं। यहां तक ममता बनर्जी भी यह कह चुकी हैं कि अगर भाजपा ने उन्हें पहले बताया होता कि वह द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाने वाली है तो उन्होंने भी समर्थन का विचार किया होता।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top