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सुबह इन जड़ी-बूटियों को खाने से शुगर लेवल रहता है कंट्रोल

दिल्ली।दुनिया भर में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके लिए गलत खान-पान, खराब जीवनशैली या बहुत अधिक तनाव को इस बीमारी को ट्रिगर करने के लिए जिम्मेदार है। इनसे शरीर में कोर्टिसोल का स्तर प्रभावित होता है। जिससे शुगर से जुड़ी परेशानियां होनी शुरू हो जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कई जड़ी-बूटियां कारगर है। भारतीय जड़ी-बूटियों को दैनिक आहार में भी शामिल किया जा सकता है। शुगर के स्तर को नियंत्रित करने और इंसुलिन प्रतिरोध को प्रबंधित करने में मदद करता है। दरअसल, इन आम देसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता रहा है। आइए, जानते हैं।

गिलोय

इस आम भारतीय जड़ी बूटी का सेवन सुबह जूस या चाय के रूप में किया जा सकता है। वास्तव में, बस कुछ गिलोय को धोने और चबाने से स्वाभाविक रूप से इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रबंधित करने, मेटाबॉलिज्म में सुधार, इम्यूनिटी बूस्ट करने और लीवर की प्रॉब्लम्स दूर होती है। इसके अलावा यह जड़ी बूटी एलर्जी से लड़ने में मदद करती है। इस जड़ी बूटी का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन यह फायदों से भरपूर है।

नीम

नीम की पत्तियां बहुत कड़वी लग सकती है लेकिन आपको अगर फायदे चाहिए, तो आपको इसे सुबह जरूर खाना चाहिए। इसका कड़वापन काफी हद तक कम करने के लिए चाय के रूप में या डिटॉक्स पानी में मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है।

कब काम करेगी ये जड़ी-बूटियां

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ये जड़ी-बूटियाँ तभी काम करेंगी, जब आप उन्हें प्रोटीन, फाइबर, खनिज, विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर और कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट में कम स्वस्थ आहार के साथ जोड़ेंगे। हालांकि, सुबह के समय इन पत्तियों या जड़ी-बूटियों को खाने से शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद मिलती है। सबसे खास बात है कि इससे वेट लॉस भी होता है।

करी पत्ता

करी पत्ते ज्यादातर भारतीय घरों में पाए जाते हैं क्योंकि यह कई रेसिपीज में इनका इस्तेमाल होता है। इन करी पत्तों को चबाने से खाने से शुगर को रक्तप्रवाह में धीमी गति से छोड़ने में मदद मिल सकती है, जो आगे चलकर इसे प्रबंधित करने में मदद करता है। इसके अलावा करी पत्ते में फाइबर भी होता है, जिससे लंबे समय में पाचन और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है।

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