Headline
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन
‘हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट’ ने वीकेंड पर दिखाई रफ्तार, तीन दिनों में कमाए इतने करोड़ रुपये
‘हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट’ ने वीकेंड पर दिखाई रफ्तार, तीन दिनों में कमाए इतने करोड़ रुपये
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन नाराज,ये है कारण?

देहरादून। दिनांक ०६/२/२०२३ उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन उत्तराखंड प्रदेश के संज्ञान में समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ कि उत्तराखंड जल संस्थान से नगर निगम क्षेत्र की समस्त पेयजल योजनाएं आगामी कैबिनेट बैठक में नगर निगम को हस्तान्तरित कर दी जायेगी जिसका उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन उत्तराखंड प्रदेश विरोध करता है ,संगठन के महामंत्री रमेश बिन्जोला द्वारा कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार व शासन उत्तराखंड जल संस्थान का अस्तित्व ही समाप्त करना चाहती है जबकि उत्तराखंड जल संस्थान पूर्ण निष्ठा एवं इमानदारी के साथ कई वर्षो से उत्तराखंड की जनता को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति प्रदान करता आ रहा है यदि समस्त शहरी क्षेत्र की नगर निगम की पेयजल योजनाओं को नगर निगम में दिया जाता है तो उस स्थिति में उत्तराखंड जल संस्थान एवं पेयजल निगम का एकीकरण कर राजकीय करण करना न्यायोचित होगा यदि सरकार व शासन द्वारा शहरी क्षेत्र की योजनाएं नगर निगम को हस्तान्तरित की गयी तो उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन को विवश होकर सम्पूर्ण प्रदेश में आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसका सम्पूर्ण उत्तर दायित्व सरकार व शासन का होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top