Headline
कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत
कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का किया लोकार्पण
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का किया लोकार्पण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने न्यू कैंट रोड के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने न्यू कैंट रोड के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने 4,400 श्रमिकों के खाते में ट्रान्सफर किये 11 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री धामी ने 4,400 श्रमिकों के खाते में ट्रान्सफर किये 11 करोड़ रुपये
वजन घटाने के लिए चावल छोड़ना कितना सही? आइये जानते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ
वजन घटाने के लिए चावल छोड़ना कितना सही? आइये जानते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ
बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रही लोगों की परेशानियां- मल्लिकार्जुन खरगे
बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रही लोगों की परेशानियां- मल्लिकार्जुन खरगे
‘मां इंटी बंगारम’ ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन 
‘मां इंटी बंगारम’ ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन 
उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार- सीएम
उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार- सीएम
त्रिवेणी घाट से गंगा कॉरिडोर तक- अर्द्धकुंभ-2027 की परियोजनाओं पर डीएम ने की विस्तृत समीक्षा
त्रिवेणी घाट से गंगा कॉरिडोर तक- अर्द्धकुंभ-2027 की परियोजनाओं पर डीएम ने की विस्तृत समीक्षा

मुख्य सचिव बोले-‘जागेश्वर धाम मास्टर प्लान में, क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, आने वाले 30-40 सालों के अनुरूप विकसित की जाए’

देहरादून।मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में जागेश्वर धाम मास्टर प्लान के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जागेश्वर धाम के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए ।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जागेश्वर धाम मास्टर प्लान में, क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, आने वाले 30-40 सालों के अनुरूप विकसित की जाए। आने वाले समय में जो क्षेत्र बॉटल नेक बन सकते हैं, उन्हें अभी से इस प्रकार से डिजाइन किया जाए कि यातायात बढ़ने के बाद भी जाम की संभावना कम हो। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र में वन क्षेत्र होने के कारण ईको दूरिज्म की सम्भावनाएं भी तलाशी जाएं, साथ ही, बच्चों और युवाओं के अनुरूप ट्रेकिंग आदि की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के पास वृद्ध जागेश्वर क्षेत्र को भी मास्टर प्लान में सम्मिलित करते हुए विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश भर में ऐसे दर्शनीय स्थलों को भी चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए, जहाँ दूरबीन स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ऐसे बहुत से व्यू प्वाइंट हैं जहाँ से हिमालय की पूरी श्रंखला दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के दौरान गढ़वाल क्षेत्र में काफी भीड़ होती है, ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र विकसित हो जाने के बाद कुमाऊं क्षेत्र के ऐसे धार्मिक और पर्यटक स्थल पर्यटकोंनके लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

इस अवसर पर सचिव श्री सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top