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कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत

कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत

कानों में बार-बार सीटी, घंटी, भनभनाहट या किसी तरह की आवाज सुनाई देना आम बात नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या टिनिटस (Tinnitus) का संकेत हो सकती है। बदलती जीवनशैली, तेज आवाज वाले माहौल और बढ़ते तनाव के कारण आजकल बड़ी संख्या में लोग इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर उचित उपचार कराया जाए तो समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या है टिनिटस?

टिनिटस ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिना किसी बाहरी स्रोत के कानों में अलग-अलग तरह की आवाजें सुनाई देती हैं। कुछ लोगों को सीटी बजने जैसी ध्वनि सुनाई देती है, जबकि कुछ को भनभनाहट, सरसराहट या घंटी जैसी आवाज महसूस होती है। यह समस्या एक कान या दोनों कानों में हो सकती है और लंबे समय तक बने रहने पर मानसिक तनाव तथा नींद संबंधी परेशानियों का कारण बन सकती है।

किन कारणों से बढ़ सकता है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक तेज आवाज में संगीत सुनना या लगातार हेडफोन का उपयोग करना टिनिटस का प्रमुख कारण बन सकता है। इसके अलावा कान में मैल (वैक्स) का अधिक जमा होना, बढ़ती उम्र के साथ सुनने की क्षमता में कमी आना, रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं और अत्यधिक मानसिक तनाव भी इस स्थिति को जन्म दे सकते हैं।

राहत पाने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टिनिटस से परेशान लोगों को अपने खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नमक का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना भी जरूरी है, जिससे दिमाग और नसों को आराम मिलता है।

इसके साथ ही तेज आवाज से दूरी बनाए रखना, हेडफोन का सीमित इस्तेमाल करना और कम वॉल्यूम पर ऑडियो सुनना फायदेमंद माना जाता है। योग, ध्यान और अन्य तनाव कम करने वाली गतिविधियां भी टिनिटस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। कुछ लोगों को हल्की भाप लेने से भी आराम महसूस होता है।

कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह?

यदि कानों में आवाज लगातार बनी रहे, समय के साथ बढ़ने लगे या इसके साथ सुनने की क्षमता में कमी महसूस हो तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह और समय पर जांच से समस्या के मूल कारण का पता लगाकर उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।

(साभार)

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