Headline
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी
हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन
एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम
एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम
अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री
अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री
एशियन गेम्स 2026- श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारत ने जीता स्वर्ण पदक
एशियन गेम्स 2026- श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारत ने जीता स्वर्ण पदक
देहरादून एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं की हुई व्यापक समीक्षा, दिशा-निर्देशन व्यवस्था पर दिया जोर
देहरादून एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं की हुई व्यापक समीक्षा, दिशा-निर्देशन व्यवस्था पर दिया जोर

उत्तराखंड मूल की महिलाओं के 30% क्षैतिज आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार : सीएम

[ad_1]

देहरादून। उत्तराखंड मूल की महिलाओं को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मामले में राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। मसूरी गोलीकांड की 28वीं बरसी के मौके पर सीएम धामी ने कहा कि महिलाओं के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले पर राज्य सरकार गंभीर है। राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पैरवी कर महिलाओं के हकों को मजबूत किया जाएगा। बता दें कि, बीती 24 अगस्त को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तराखंड मूल की महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने सरकार के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने वाले साल 2006 के शासनादेश पर रोक लगा दी थी।

सरकार जनरल कोटे (अनारक्षित श्रेणी) से 30 प्रतिशत आरक्षण उत्तराखंड की महिलाओं को दे रही थी, जिसपर रोक लगाई गई। क्षैतिज आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार। मामले के अनुसार हरियाणा की पवित्रा चौहान समेत उत्तर प्रदेश की महिला अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आयोग की अक्टूबर में तय मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में सरकार के 18 जुलाई 2001 और 24 जुलाई 2006 के आरक्षण दिए जाने वाले शासनादेश को चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि सरकार का ये फैसला आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14, 16, 19 और 21 के विपरीत है। संविधान के अनुसार कोई भी राज्य सरकार जन्म एवं स्थायी निवास के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकती, ये अधिकार केवल संसद को है। राज्य केवल आर्थिक रूप से कमजोर व पिछले तबके को आरक्षण दे सकता है। इसी आधार पर याचिका में इस आरक्षण को निरस्त करने की मांग की गई थी।

वहीं, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के इसी मामले पर भी सीएम धामी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण की पत्रावली को राज्यपाल ने सरकार को वापस भेज दी है। इस पर दोबारा से संशोधन करके अनुमति के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top