Headline
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन

कांग्रेस की कुंडली में केजरीवाल का योग

ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस की कुंडली में अरविंद केजरीवाल का योग बहुत भारी हो गया है। हर जगह केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की राजनीति कांग्रेस पर भारी पड़ रही है। केजरीवाल की पार्टी के कारण कांग्रेस ने 2013 में दिल्ली गंवाई थी और 2017 में दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस की वापसी की संभावना समाप्त हो गई तो केजरीवाल की पार्टी के कारण कांग्रेस ने इस साल पंजाब की सरकार गंवाई। अब गुजरात में भी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का बैठा दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में 42 फीसदी वोट हासिल करने वाली कांग्रेस 27 फीसदी वोट पर अटकी है और उसकी विधानसभा सीटों की संख्या एक चौथाई रह गई, वह मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा भी हासिल नहीं कर पाई।

कांग्रेस की बाकी आधी सीटें केजरीवाल के खाते में नहीं गई है वह भाजपा के पास चली गई। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के 42 फीसदी वोट में से 13 फीसदी वोट हासिल किया और पांच सीटें जीतीं लेकिन कांग्रेस के वोट में बंटवारे का फायदा भाजपा को मिला और वह डेढ़ सौ सीटों के पार पहुंच गई। ध्यान रहे पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करीब 42 फीसदी वोट और 77 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा को 49 फीसदी वोट और 99 सीटें मिली थीं। कई चुनावों के बाद पहली बार ऐसा हुआ था कि भाजपा एक सौ सीट के नीचे रह गई थी, जबकि उसका वोट पहले से बढ़ा था। आमने सामने के चुनाव की वजह से ऐसा हुआ था।

लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी। हालांकि पार्टी के पास न कोई संगठन है और न कोई बड़ा नेता लेकिन आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की मुफ्त की रेवड़ी बांटने की घोषणाओं और दिल्ली, पंजाब के मॉडल ने गुजरात की एक बड़ी आबादी को आकर्षित किया। उनको लगा कि कांग्रेस के विकल्प के तौर पर आप को आजमाया जा सकता है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और भगवंत मान ने यह प्रचार किया कि दिल्ली और पंजाब के लोग कांग्रेस की जगह आप की सरकार बनवा कर खुश हैं। इस चक्कर में कांग्रेस समर्थकों का एक वर्ग आप के साथ चला गया।

ध्यान रहे जब भी सत्ता विरोधी वोट का बंटवारा होता है तो सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होता है। आप ने कांग्रेस का वोट काटा तो भाजपा की सीटें पिछली बार की 99 से बढ़ कर डेढ़ सौ के पार पहुंच गईं। इसी तरह 2012 में गुजरात परिवर्तन पार्टी ने चार फीसदी वोट हासिल किया तो 47 फीसदी वोट मिलने के बावजूद भाजपा 115 सीट जीत गई थी। लेकिन 2017 में वोट नहीं बंटा तो भाजपा ने 16 सीटें गंवा दी थी। बहरहाल, गुजरात में कांग्रेस का  बैठाने के बाद केजरीवाल देश के उन सभी राज्यों में राजनीति करेंगे, जहां भाजपा का कांग्रेस से सीधा मुकाबला है। हालांकि ऐसा वे भाजपा की बी टीम की तौर पर या भाजपा के कहने से नहीं करेंगे। ऐसा वे अपने फायदे के लिए करेंगे। उनको लग रहा है कि इस राजनीति से उनकी पार्टी बढ़ रही है। उनकी कोई प्रतिबद्धता भाजपा को हराने की नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top