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आपदा- भू धंसाव की चपेट में आये जाखन गांव को कराया गया खाली

प्रभावित 35 परिवारों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किया

दस घर ढहे, मकानों में दरारें, भय का माहौल,

गांव में आवाजाही पर प्रतिबंध

सरकार ग्रामीणों के पुनर्वास की गारंटी लेती है- मुन्ना सिंह चौहान, भाजपा विधायक

देहरादून। जोशीमठ, यमकेश्वर  के बाद जाखन गांव भी भू धंसाव की चपेट में आ गया। देहरादून से 50 किलोमीटर दूर लांघा रोड पर ग्राम पंचायत मद्रासू के जाखन गांव में भू धंसाव से दस घर ढह गए और छह मकानों में बड़ी दरारें आ गईं। खतरे को देखते हुए पूरे गांव को खाली करा लिया गया है। बुधवार की शाम तक 35 परिवारों को लगभग 300 लोगों की आबादी वाले गांव से सभी ग्रामीणों को निकाल लिया गया है। देर शाम तक ग्रामीण घरों से सामान निकालने में जुटे रहे। प्रभावितों को पास के सरकारी स्कूलों में रुकवाया गया। इस भू धंसाव से इलाके में हलचल मची हुई है। आपदा की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे, जिससे लोंगहा-पश्ता मार्ग पर जाम लग गया।

एसडीआरएफ और पुलिस की रेस्क्यू टीम मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई है। “राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गांव में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और ग्रामीणों को गांव के एक प्राइमरी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

सामान शिफ्ट करते ग्रामीण

विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने तुरंत गांव का दौरा किया और ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। चौहान ने कहा, “अब तक ग्रामीणों को प्रभावित क्षेत्र से तुरंत स्थानांतरित कर दिया गया है, सरकार उनके पुनर्वास की 100 प्रतिशत गारंटी लेती है”। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से बगल की पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने से जमीन के जलमग्न होने की शिकायत ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियों से की थी। ग्रामीण रणवीर सिंह और जीवन सिंह ने बताया कि, ‘बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक तेज तीव्रता से मलबा गिरने लगा और गांव के नौ घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। भूस्खलन और जमीन के जलमग्न होने की इस दुर्घटना से ग्रामीण दहशत में थे।

सौभाग्य से, पिछले कुछ दिनों से बगल की पहाड़ी से भूमि आपदा के कारण ग्रामीण पहले से ही सतर्क थे, इसलिए जीवन का नुकसान होने से बच गया”। उसी गांव के एक अन्य ग्रामीण बलबीर सिंह ने कहा कि, सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट विनोद कुमार और डिप्टी एसपी भास्कर साह पुलिस और एसडीआरएफ कर्मियों के साथ नियमित रूप से गांव में बचाव और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। जोशीमठ के कर्णप्रयाग, कालसी और पगनौ और फिर देहरादून के जाखन गांव में जमीन धंसने के मामले सामने आने के बाद पर्यावरणविदों व भूवैज्ञानिकों के लिए चिंता बढ़ गई है।

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