Headline
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित
एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित
“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट
“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश
एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश

चीन सीमा पर तैयारियां तेज, भारतीय सेना 2025 में करेगी हल्के टैंक ‘जोरावर’ का परीक्षण

नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा पर शांति भले ही बहाल हो, लेकिन भारतीय सेना अपनी तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में युद्ध करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया हल्के वजन का टैंक ‘जोरावर’ 2025 में परीक्षण के लिए तैयार होगा। इस लाइट बैटल टैंक का निर्माण डीआरडीओ (DRDO) और लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने मिलकर किया है। महज 25 टन वजन वाला यह टैंक दुर्गम क्षेत्रों में आसानी से तैनात किया जा सकेगा।

हल्के वजन वाले टैंक की आवश्यकता क्यों हुई
2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव बढ़ गया था। इस दौरान भारतीय सेना ने चीन से लगती सीमा पर अपने मुख्य युद्धक टैंकों को तैनात किया, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्के टैंकों की जरूरत महसूस हुई। चीन ने पहले ही अपने हल्के टैंक LAC पर तैनात कर दिए हैं। इसके जवाब में भारत ने जोरावर टैंक का निर्माण शुरू किया।

जोरावर टैंक की विशेषताएं
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाए गए इस टैंक का वजन केवल 25 टन है, जिससे इसे पहाड़ी इलाकों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस टैंक पर 105 मिमी की फील्ड गन लगाई गई है, जो दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को तबाह कर सकती है। उन्नत सामग्री से बने इसके बाहरी ढांचे को तोप के गोलों से बचाव के लिए डिज़ाइन किया गया है।

जोरावर टैंक अत्याधुनिक संचार उपकरणों से लैस है, जिससे यह हर परिस्थिति में कमांड सेंटर के संपर्क में रह सकता है। वर्तमान में जोरावर का परीक्षण चल रहा है, और 2025 में सेना इसे वास्तविक हालात में परखेगी। सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद इसे सेना में शामिल किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top