Headline
अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य की स्थिति का संज्ञान लेने पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष
अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य की स्थिति का संज्ञान लेने पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष
आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश
आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास
मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा
मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा
भारत-जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज का आगाज आज, जानें कब और कहां देखें पहला मुकाबला
भारत-जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज का आगाज आज, जानें कब और कहां देखें पहला मुकाबला
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर एवं वन क्षेत्र में चलाया स्वच्छता अभियान
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर एवं वन क्षेत्र में चलाया स्वच्छता अभियान
दुनियाभर में गूंजेगी भगवान राम की गाथा, रिलीज हुआ ‘रामायण’ का ग्लोबल ट्रेलर
दुनियाभर में गूंजेगी भगवान राम की गाथा, रिलीज हुआ ‘रामायण’ का ग्लोबल ट्रेलर
‘जेलर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘जेलर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत, पहले दिन ही पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
तय समय में सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल आयुक्त सख्त
तय समय में सड़कें गड्ढामुक्त न होने पर गढ़वाल आयुक्त सख्त

चीन सीमा पर तैयारियां तेज, भारतीय सेना 2025 में करेगी हल्के टैंक ‘जोरावर’ का परीक्षण

नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा पर शांति भले ही बहाल हो, लेकिन भारतीय सेना अपनी तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में युद्ध करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया हल्के वजन का टैंक ‘जोरावर’ 2025 में परीक्षण के लिए तैयार होगा। इस लाइट बैटल टैंक का निर्माण डीआरडीओ (DRDO) और लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने मिलकर किया है। महज 25 टन वजन वाला यह टैंक दुर्गम क्षेत्रों में आसानी से तैनात किया जा सकेगा।

हल्के वजन वाले टैंक की आवश्यकता क्यों हुई
2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव बढ़ गया था। इस दौरान भारतीय सेना ने चीन से लगती सीमा पर अपने मुख्य युद्धक टैंकों को तैनात किया, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्के टैंकों की जरूरत महसूस हुई। चीन ने पहले ही अपने हल्के टैंक LAC पर तैनात कर दिए हैं। इसके जवाब में भारत ने जोरावर टैंक का निर्माण शुरू किया।

जोरावर टैंक की विशेषताएं
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाए गए इस टैंक का वजन केवल 25 टन है, जिससे इसे पहाड़ी इलाकों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस टैंक पर 105 मिमी की फील्ड गन लगाई गई है, जो दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को तबाह कर सकती है। उन्नत सामग्री से बने इसके बाहरी ढांचे को तोप के गोलों से बचाव के लिए डिज़ाइन किया गया है।

जोरावर टैंक अत्याधुनिक संचार उपकरणों से लैस है, जिससे यह हर परिस्थिति में कमांड सेंटर के संपर्क में रह सकता है। वर्तमान में जोरावर का परीक्षण चल रहा है, और 2025 में सेना इसे वास्तविक हालात में परखेगी। सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद इसे सेना में शामिल किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top