Headline
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया गहरा शोक
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया गहरा शोक
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया भावपूर्ण स्मरण
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया भावपूर्ण स्मरण
बूथ जीता, चुनाव जीता के मूलमंत्र पर चुनाव तैयारी मे जुटे कार्यकर्ता: चुग
बूथ जीता, चुनाव जीता के मूलमंत्र पर चुनाव तैयारी मे जुटे कार्यकर्ता: चुग
दून में अंतरराष्ट्रीय जूनियर टेनिस टूर्नामेंट शुरू
दून में अंतरराष्ट्रीय जूनियर टेनिस टूर्नामेंट शुरू
डाइट में ये छोटे बदलाव करने से घटा सकते हैं तेजी से वजन, जानिए एक्सपर्ट की सलाह
डाइट में ये छोटे बदलाव करने से घटा सकते हैं तेजी से वजन, जानिए एक्सपर्ट की सलाह
किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि राष्ट्र के सच्चे नायक भी हैं- मुख्यमंत्री धामी
किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि राष्ट्र के सच्चे नायक भी हैं- मुख्यमंत्री धामी
राजकुमार राव की नई फिल्म ‘रफ्तार’ का ऐलान, रिलीज तारीख भी आई सामने
राजकुमार राव की नई फिल्म ‘रफ्तार’ का ऐलान, रिलीज तारीख भी आई सामने
पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल
पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र से नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

भूस्खलन शमन, भूविज्ञान और भवन अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ कर रहे स्थलीय जांच

धराली। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में नुकसान और घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए शासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची। टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार और ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मलबे के नमूनों का संग्रह किया, खीरगाड़ के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के फैलाव का अध्ययन किया तथा स्थानीय निवासियों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाई। जांच का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top