Headline
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद
नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट

ई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल कंटेंट को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 10 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के बाद ये नियम अब 20 फरवरी से प्रभावी हो गए हैं। भारत सरकार के इस फैसले के तहत अब एआई से तैयार किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को असली और नकली कंटेंट में फर्क समझने में आसानी हो।

इन नए नियमों के मुताबिक, एआई जनरेटेड कंटेंट पर “AI Generated” जैसे स्पष्ट निशान दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा हर फाइल के मेटाडेटा में उसकी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी—जैसे कंटेंट कब बना, किस टूल से तैयार हुआ और पहली बार कहां अपलोड किया गया। इसे एक तरह का “डिजिटल डीएनए” माना जा रहा है, जिससे जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कंटेंट के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि एआई कंटेंट से जुड़े लेबल या तकनीकी जानकारी के साथ छेड़छाड़ करना अब गैर-कानूनी होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी जिससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोका जा सके या संदिग्ध कंटेंट स्वतः हटाया जा सके। इसके साथ ही यूजर्स को कंटेंट अपलोड करते समय यह बताना भी जरूरी होगा कि वह एआई से तैयार किया गया है या नहीं।

नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अब किसी भी आपत्तिजनक या गैर-कानूनी कंटेंट की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा, जबकि पहले इसके लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था। इस बदलाव से डिजिटल स्पेस में जवाबदेही और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।

एक दिन पहले आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाद्य उत्पादों पर जानकारी दी जाती है, वैसे ही डिजिटल सामग्री पर भी उसकी प्रकृति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि लोग भ्रमित न हों।

सरकार ने खास तौर पर डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख अपनाया है। अगर एआई का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान की नकल करने, फर्जी वीडियो बनाने, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री फैलाने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन नियमों का मकसद एक सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट व्यवस्था तैयार करना है, जिससे एआई के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top