Headline
कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण
खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण
औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग
औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग
ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की कार्रवाई, 17 वारंटी गिरफ्तार
ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की कार्रवाई, 17 वारंटी गिरफ्तार
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना
18 सितंबर को 140 विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम धामी, युवाओं के विजन पर होगा मंथन
18 सितंबर को 140 विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम धामी, युवाओं के विजन पर होगा मंथन
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु चलाया जाएगा अभियान
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु चलाया जाएगा अभियान
नेहरू कॉलोनी में नकबजनी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
नेहरू कॉलोनी में नकबजनी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन
परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन

यही पाकिस्तानी लोकतंत्र है

मुमकिन है कि अगले आम चुनाव के बाद नवाज शरीफ को फिर से प्रधानमंत्री बना दिया जाए। आरोप है कि शरीफ की सेना के साथ डील हो गई है। इसके तहत सत्ता में उनकी वापसी की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। नवाज शरीफ को जब भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुना कर देश निकाला दिया गया था, तब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक करियर अंत के लिए पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। उनका बयान इस बात की पुष्टि था कि पाकिस्तान में सेना नेतृत्व ही प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर देश की कमान संभालते रहता है। तब सेना ने एक बार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान को मौका देने का मन बनाया था। लेकिन अपने स्वभाव के मुताबिक इमरान सचमुच देश का नेतृत्व करने की महत्त्वाकांक्षा पाल बैठे। उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिनसे अमेरिका से निकट संबंध में स्वार्थ रखने वाले सैन्य अधिकारियों के हितों को चोट पहुंची। तो सैन्य अधिकारियों ने उन्हें हटाने का फैसला किया। खबरों के मुताबिक इमरान खान को भी देश से बाहर चले जाने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। नतीजा यह है कि वे जेल में दिन काट रहे हैं।

इस बीच सैनाध्यक्ष बदले, जिससे परिस्थितियां नवाज शरीफ के और अनुकूल हुईं। तो उन्हें सजा से राहत दिलवाने और देश लाने की कवायद पूरी हो गई है। मुमकिन है कि अगले आम चुनाव के बाद उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बना दिया जाए। इमरान खान की पार्टी ने सार्वजनिक आरोप लगाया है कि नवाज शरीफ की सेना के साथ डील हो गई है। इसके तहत जनवरी में होने वाले चुनावों से सत्ता में उनकी वापसी की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) कह चुकी है कि पूर्व प्रधानमंत्री चुनाव लडऩे का इरादा रखते हैं। इस बात की संभावना इतनी मजबूत है कि पाकिस्तान के टीकाकारों ने कटाक्ष किया है कि अगर यह सब तय ही है, फिर चुनाव पर खर्च करने की जरूरत ही क्या है! पाकिस्तान की न्यायपालिका का हाल यह है कि नवाज शरीफ की देश वापसी को निर्बाध बनाने के लिए वहां की एक अदालत ने विशेष कार्यवाही के जरिए उन्हें जमानत दी है। मतलब वही कि पाकिस्तान में फैसले सेना लेती है और उसके बाद सारा तंत्र उसे अमली जामा पहनाने में जुट जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top